“कुछ लोग विकास की राजनीति नहीं, बल्कि विवाद की राजनीति करना चाहते हैं।
गयाजी। गया नगर निगम की बोर्ड बैठक में हुए हंगामे को लेकर मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कुछ जनप्रतिनिधि जानबूझकर विकास कार्यों में बाधा डालने की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शहर के विकास को रोकने की ऐसी कोशिशें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
मेयर ने कहा कि निगम की बोर्ड बैठक में जब शहर के विकास और महत्वपूर्ण योजनाओं पर गंभीर चर्चा चल रही थी, उसी दौरान वार्ड-29 के पार्षद रणधीर गौतम और अन्य कई पार्षद सदन में लगातार हंगामा और शोर-शराबा करने लगे। उनका आरोप था कि उनके वार्ड की उपेक्षा की गई है, जबकि नगर निगम के रिकॉर्ड इसके बिल्कुल विपरीत हैं।
उन्होंने दावा किया कि यदि निगम के स्वीकृत कार्यों और योजनाओं का रिकॉर्ड देखा जाए तो सबसे अधिक विकास योजनाएं वार्ड-29 को ही मिली हैं। इसके बावजूद सदन में गलत तथ्यों के आधार पर भ्रम फैलाने, बैठक का माहौल खराब करने और विकास कार्यों को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
मेयर ने कहा, “कुछ लोग विकास की राजनीति नहीं, बल्कि विवाद की राजनीति करना चाहते हैं। जब-जब शहर के हित में बड़े निर्णय लिए जाते हैं, तब-तब कुछ लोग बेवजह हंगामा कर जनता को गुमराह करने और विकास की गति रोकने की कोशिश करते हैं। लेकिन ऐसे प्रयास कभी सफल नहीं होंगे।”
उन्होंने कहा कि गया नगर निगम जनता के हित में पूरी पारदर्शिता के साथ विकास कार्य कर रहा है और आगे भी करता रहेगा। किसी के दबाव, हंगामे या राजनीतिक स्वार्थ के कारण विकास कार्य नहीं रुकेंगे। सदन की गरिमा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।
मेयर ने यह भी कहा कि गया नगर निगम ने पिछले तीन वर्षों में लगातार बेहतर कार्य किया है। इसी का परिणाम है कि स्वच्छता सर्वेक्षण में निगम ने बिहार में लगातार अव्वल स्थान हासिल किया है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर 27वां स्थान प्राप्त कर पूरे राज्य का नाम गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि नगर निगम की टीम, जनप्रतिनिधियों और शहरवासियों के सामूहिक सहयोग का परिणाम है। अब कुछ लोगों द्वारा बेवजह हंगामा कर विकास की इस रफ्तार को रोकने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे जनता भली-भांति समझ रही है।
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