सरकारी अस्पतालों से लेकर स्कूलों तक मना विश्व तंबाकू निषेध दिवस

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  •  स्कूली बच्चों ने भी मनाई तंबाकू निषेध दिवस
  • जगह जगह निकाली गयी जागरूकता रैली
सीतामढ़ी। तम्बाकू के हानिकारक और घातक प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाने व तम्बाकू के उपयोग से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करने के उद्येश्य से बुधवार को जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं में विश्व तम्बाकू निषेध दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम की अगुआई कर रहे अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह एनसीडी नोडल डॉ सुनील कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य के निर्देश पर  इस दिवस को सदर अस्पताल सहित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तक मनाया गया।। जागरूकता के लिए जगह – जगह कार्यक्रम किए गए। सदर अस्पताल में भी नर्सिंग छात्राओं द्वारा रैली निकाली गयी। सभी कर्मियों द्वारा तंबाकू निषेध शपथ भी पढ़ा गया। शपथ के दौरान लोगों ने समाज को तंबाकू मुक्त बनाने अपना योगदान देने की बात कही। स्कूलों और बच्चों के बीच भी तंबाकू के दुष्प्रभावों को बताया गया व प्रार्थना सत्रों में उन्हें शपथ दिलाई गयी। शहर को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए प्रचार रथ को भी चलाया गया है जो शहर के विभिन्न जगहों पर जाकर लोगों को जागरूक करेगें।
बच्चों एवं युवाओं पर अधिक दुष्प्रभाव:
तंबाकू का सबसे अधिक दुष्प्रभाव स्कूली बच्चों और युवाओं पर पड़ रहा है। बिहार में तंबाकू का प्रयोग करने वाले 25.9 प्रतिशत। धुआं रहित तंबाकू यानी पान मसाला, जर्दा, खैनी का प्रयोग करने वाले 23.5 प्रतिशत, बीड़ी पीने वाले 4.2 प्रतिशत और सिगरेट पीने वाले 0.9 प्रतिशत लोग हैं। तंबाकू सेवन के कारण कैंसर, ह्रदय रोग जैसी बीमारियों की समस्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि तंबाकू, सिगरेट व्यवसाय जैसे शक्तिशाली व्यावसायिक समूह से मुकाबला के लिए सामाजिक चेतना आवश्यक है।
राज्य में सबसे पहले तंबाकू मुक्त हो चुका है जिला:
डॉ सुनील कुमार सिन्हा ने कहा कि  2020 में सीतामढ़ी को राज्य में सबसे पहले धुम्रपान मुक्त किया जा चुका है। इस वर्ष अभी तक कुल एक लाख 26 हजार तीन सौ 15 लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है। वहीं कैंसर के अभी 9148 लोगों की स्क्रीनिंग भी की जा चुकी है। जिसमें 120 संभावित मरीजों की पहचान हुई है। अभी तक इस वर्ष 25 आउटरीच कैंप का आयोजन भी किया जा चुका है।
सार्वजनिक स्थानों पर थूकना स्वास्थ्य के लिए खतरा:
सीड्स के कार्यक्रम पदाधिकारी मनोज कुमार झा ने बताया कि तंबाकू का सेवन जन स्वास्थ्य के लिए बड़े खतरों में से एक है।  सार्वजनिक स्थानों पर थूकना स्वास्थ्य के लिए खतरा है और संचारी रोग के फैलने का एक प्रमुख कारण है। तंबाकू सेवन करने वाले की प्रवृति यत्र-तत्र थूकने की होती है। थूकने के कारण कई गंभीर बीमारी तथा कोरोना, इंसेफलाइटिस, यक्ष्मा, स्वाइन फ्लू आदि का संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। भा.द.वि. (IPC) की धारा 268 एवं 269* के तहत कोई भी व्यक्ति यदि महामारी के अवसर पर उपेक्षापूर्ण अथवा विधि विरूद्ध कार्य करेगा जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रमण हो सकता है तो उसे छह माह का कारावास एवं अथवा 200 रुपये जुर्माना किया जा सकता है।
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