बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला दर्दनाक हादसा सामने आया है। शहर में नाला निर्माण के लिए की जा रही खुदाई के दौरान जमीन के नीचे बिछी पीएनजी (PNG) गैस पाइपलाइन अचानक क्षतिग्रस्त होकर फट गई। पाइपलाइन से तेज गति से हुए गैस रिसाव के बाद भड़की भीषण आग और जोरदार धमाके की चपेट में आने से 3 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 8 अन्य लोग गंभीर रूप से झुलसकर जख्मी हो गए हैं। इस भीषण हादसे के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, अग्निशमन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू करते हुए पूरे इलाके को एहतियातन खाली कराया गया।
मुजफ्फरपुर में नाला निर्माण के दौरान बड़ा हादसा: पोकलेन मशीन से कटकर फटी पीएनजी गैस पाइपलाइन
यह भीषण दुर्घटना मुजफ्फरपुर के व्यस्त इलाके में उस वक्त घटी जब वहां नाला निर्माण के लिए जेसीबी और पोकलेन मशीनों की मदद से सड़क किनारे खुदाई का काम चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, खुदाई के दौरान मशीन का पंजा जमीन के नीचे से गुजर रही गैस पाइपलाइन से टकरा गया। अचानक तेज आवाज के साथ पाइपलाइन फटी और उसमें से दबाव के साथ गैस का भारी गुबार निकलने लगा। रिसाव के कुछ ही सेकंडों में पास मौजूद किसी चिंगारी या आग के संपर्क में आते ही गैस ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते भीषण आग भड़क उठी। आग और प्रेशर के धमाके से आसपास के निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूर और राहगीर इसकी चपेट में आ गए।
3 लोगों की दर्दनाक मौत से पसरा सन्नाटा: अस्पतालों में 8 जख्मियों का इलाज जारी
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गैस रिसाव और आग की चपेट में आने से 3 व्यक्तियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों के शव बुरी तरह झुलस चुके थे, जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। वहीं, घटना में घायल 8 लोगों को तुरंत एंबुलेंस और स्थानीय वाहनों की मदद से पास के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) और अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बर्न वार्ड और आईसीयू (ICU) में रखकर विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज दिया जा रहा है। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों और घायलों के परिजनों में कोहराम मच गया।
फायर ब्रिगेड और गैस एजेंसी की त्वरित कार्रवाई: पूरे इलाके को कराया गया खाली
घटना की जानकारी मिलते ही जिला पुलिस प्रशासन, आपदा प्रबंधन और अग्निशमन विभाग (Fire Brigade) की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने भारी मशक्कत के बाद गैस की लपटों पर काबू पाने का प्रयास किया, वहीं दूसरी ओर गैस कंपनी के तकनीशियनों ने संबंधित मेन लाइन से गैस की आपूर्ति बंद कराई, तब जाकर रिसाव पर नियंत्रण पाया जा सका। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी (Cordoned Off) कर दी और आसपास के घरों व दुकानों में रह रहे दर्जनों लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया ताकि किसी भी बड़े खतरे को टाला जा सके।
निर्माण कंपनी की लापरवाही पर उठे सवाल: जिला प्रशासन ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों में निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का आरोप है कि नाला खुदाई से पहले अंडरग्राउंड गैस पाइपलाइन की मार्किंग या सुरक्षा मानकों का कोई ध्यान नहीं रखा गया और न ही गैस कंपनी के विशेषज्ञों की मौजूदगी सुनिश्चित की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच कमेटी का गठन कर दिया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्माण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली एजेंसी और जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
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