कला-संस्कृति समाज के हर वर्ग को जोड़ने वाली मजबूत कड़ी : अनिल कुमार चंचल

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  • ‘अपना पटना परिवार’ के संगीत आयोजन में करीब 25 गायकों ने दी एकल और युगल प्रस्तुति, कलाकारों के आत्मविश्वास की सराहना
पटना :  ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) महाराष्ट्र प्रदेश के  संयोजक,गीतकार, संगीतकार, गायक एवं एडवोकेट अनिल कुमार चंचल ने कहा कि कला एवं संस्कृति समाज के हर वर्ग को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। यह सामाजिक सद्भावना की ऐसी मजबूत कड़ी है, जिसका संबंध किसी भाषा या धर्म से नहीं, बल्कि मनुष्य की आंतरिक भावनाओं से होता है।
श्री चंचल ने एक नवंबर 2026 को आयोजित ‘अपना पटना परिवार’ के संगीत कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियां लोगों को एक-दूसरे के करीब लाती हैं। ऐसे आयोजन समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम देश के सभी हिस्सों में आयोजित होने चाहिए।
उन्होंने बताया कि ‘अपना पटना परिवार’ संगीत से जुड़ी एक छोटी लेकिन विशेष इकाई है, जिसमें पटना के गैर-पेशेवर गायक-गायिकाएं शामिल हैं। सुश्री अरुणिमा सिन्हा श्रीवास्तव के नेतृत्व में गठित इस समूह के सदस्य वर्ष में एक बार संगीत के आयोजन को त्योहार की तरह मनाते हैं। इस वर्ष के कार्यक्रम में करीब 25 गायक-गायिकाओं ने एकल और युगल गीतों की प्रस्तुति दी।
श्री चंचल ने आयोजन की विशेषता का उल्लेख करते हुए कहा कि कलाकारों ने बिना किसी पूर्व रिहर्सल और औपचारिक परिचय के सीधे मंच पर अपनी प्रस्तुतियां दीं। गैर-पेशेवर कलाकारों का यह आत्मविश्वास और सहजता बेहद सराहनीय है। उन्होंने आयोजक टीम और सभी प्रतिभागी कलाकारों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
मूल रूप से पटना, बिहार के रहने वाले एडवोकेट अनिल कुमार चंचल पिछले कुछ वर्षों से नवी मुंबई में रह रहे हैं। वह विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से जुड़े हैं और विशेष रूप से संगीत साधना एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बिहार के कुछ गुमनाम शायरों की रचनाओं, गीतों और गजलों पर भी काम किया है। इसके अतिरिक्त कई निजी भजन, गीत और गजलों की पेशेवर स्तर पर रिकॉर्डिंग एवं शूटिंग कराई है, जो यूट्यूब पर उपलब्ध हैं।
श्री चंचल ने कहा कि संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का माध्यम भी है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में पटना की  स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. विनीता सिंह, मगध विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सुबोध वर्मा, डॉ. राकेश रंजन श्रीवास्तव और श्री ज्योति रंजन सिन्हा सहित पटना के अनेक सेवानिवृत्त पदाधिकारी भी उपस्थित थे। उन्होंने कार्यक्रम का आनंद लिया और कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की।
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