- एटीएम मशीन से छेड़छाड़ कर लाखों की ठगी का खेल बेनकाब रामगढ़ पुलिस ने चार शातिर अपराधियों को दबोचा
- एक आरोपी सूरज कुमार रामगढ़ जिले के विकास नगर, गौशाला गली का निवासी है
रामगढ़ : पतरातु,बासल में एटीएम से छेड़छाड़ कर रुपये निकालने और फर्जी हेल्पलाइन नंबर के जरिए लोगों को ठगने वाले गिरोह का रामगढ़ पुलिस ने पर्दाफाश किया है। एसपी मुकेश कुमार लुणायत के निर्देश पर गठित विशेष छापामारी दल ने तकनीकी अनुसंधान और मानवीय सूचना के आधार पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से विभिन्न बैंकों के 18 एटीएम कार्ड, 8970 रुपये नकद, दो स्कूटी, मोबाइल फोन और एटीएम मशीन से छेड़छाड़ करने में इस्तेमाल किए जाने वाले इंजीनियरिंग उपकरण बरामद किए हैं।
फर्जी हेल्पलाइन नंबर से भी करते थे ठगी, एटीएम में लगाते थे इंजीनियरिंग उपकरण
रामगढ़ पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत के कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से पतरातू अनुमंडल क्षेत्र में एटीएम मशीन से छेड़छाड़ कर लोगों के रुपये अवैध तरीके से निकालने, एटीएम कार्ड का दुरुपयोग करने तथा फर्जी हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से बैंक अधिकारी बनकर लोगों को ठगने से संबंधित मामले सामने आ रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मुकेश कुमार लुणायत ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पतरातू अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान दल एसआईटी का गठन किया।
गठित टीम ने तकनीकी अनुसंधान और मानवीय सूचना के आधार पर बरकाकाना ओपी क्षेत्र में स्थित एसबीआई के एटीएम के पास चार संदिग्ध व्यक्तियों को स्कूटी पर घूमते हुए चिह्नित किया। पुलिस टीम ने चारों को पकड़कर पूछताछ की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनीष कुमार (28 वर्ष), मोहम्मद आसिफ (30 वर्ष), सूरज कुमार (37 वर्ष) और आयुष कुमार (25 वर्ष) के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की तलाशी के दौरान उनके पास से अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर जारी 18 एटीएम कार्ड, 8970 रुपये नकद तथा एटीएम मशीन से छेड़छाड़ करने में इस्तेमाल होने वाले इंजीनियरिंग उपकरण बरामद किए गए। पूछताछ के दौरान चारों ने पिछले दिनों रामगढ़ जिले के विभिन्न एटीएम में छेड़छाड़ कर रुपये निकालने और अवैध निकासी करने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और इनके द्वारा की गई अन्य वारदातों की जानकारी जुटा रही है।
दो थानों में दर्ज मामलों से जुड़ा है गिरोह
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह की गतिविधियों के संबंध में पतरातू अनुमंडल के दो थानों में मामले दर्ज किए गए थे। पहला मामला बासल थाना कांड संख्या 19/2026, दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को दर्ज किया गया था। वहीं दूसरा मामला पतरातू थाना कांड संख्या 277/2026, दिनांक 28 अक्टूबर 2026 को दर्ज किया गया। दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 316(2), 303(2), 3(5) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(सी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
चारों आरोपियों का आपराधिक नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
गिरफ्तार मनीष कुमार उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के छजारसी, सेक्टर-63 का निवासी है। मोहम्मद आसिफ भी उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के छजारसी क्षेत्र का रहने वाला है, जबकि उसका स्थायी पता बिहार के मधुबनी जिले का है। तीसरा आरोपी सूरज कुमार रामगढ़ जिले के विकास नगर, गौशाला गली का निवासी है, जिसका स्थायी पता बिहार के पटना जिले के पंडारक थाना क्षेत्र के अजनारा गांव में है। चौथा आरोपी आयुष कुमार बिहार के नवादा जिले के सीतामढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत दौलतपुरा गांव का रहने वाला है।
ये सामान हुए बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक कीपैड मोबाइल, 8970 रुपये नकद, विभिन्न बैंकों के 18 एटीएम कार्ड तथा दो स्कूटी बरामद की हैं। इनमें एक स्कूटी का रजिस्ट्रेशन नंबर यूपी16एफआर 1582 है, जबकि दूसरी स्कूटी काले रंग की है, जिस पर रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित नहीं है।
इसके अलावा एटीएम मशीन से छेड़छाड़ करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले दो बड़े पैकर, दो छोटे पैकर और एक प्लास भी बरामद किया गया है। पुलिस इन उपकरणों को गिरोह की ठगी की कार्यप्रणाली से जोड़कर जांच कर रही है।
एसपी मुकेश कुमार लुणायत के निर्देश पर गठित टीम ने किया खुलासा
पूरे अभियान में पतरातू अंचल पुलिस निरीक्षक सत्येंद्र कुमार सिंह, बासल थाना प्रभारी अनंत कुमार, पतरातू थाना प्रभारी विकास आर्य, भुरकुंडा ओपी प्रभारी शिवचाल कुजूर, तकनीकी शाखा के मोहम्मद नौशाद, बरलंगा थाना प्रभारी अशोक कुमार, बरकाकाना ओपी प्रभारी राजेंद्र उरांव, बासल थाना के विजय बिहारी सिंह सहित सशस्त्र बल के जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एसपी मुकेश कुमार लुणायत के नेतृत्व में रामगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई को एटीएम से छेड़छाड़ और बैंकिंग धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के विरुद्ध महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के नेटवर्क, ठगी के अन्य मामलों और इनके संभावित सहयोगियों का पता लगाने में जुटी है।
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