बांग्लादेश में पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल मसूदुद्दीन चौधरी गिरफ्तार, भ्रष्टाचार और हत्या समेत लदे हैं कई केस

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बांग्लादेश की राजनीति और सैन्य इतिहास में ‘1/11’ के नाम से मशहूर राजनीतिक उथल-पुथल के दौर में सबसे शक्तिशाली चेहरा रहे पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल मसूदुद्दीन चौधरी (Masud Uddin Chowdhury) को ढाका पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार, 24 मार्च 2026 की तड़के ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (DMP) की डिटेक्टिव ब्रांच (DB) ने बारीधारा डीओएचएस (Baridhara DOHS) स्थित उनके आवास पर एक बड़ी छापेमारी की। चौधरी पर भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और एक पुराने मामले में हत्या का वारंट होने का आरोप है। उनकी गिरफ्तारी को बांग्लादेश की वर्तमान सत्ता द्वारा ‘करप्शन’ के खिलाफ चल रहे एक बड़े अभियान के रूप में देखा जा रहा है।

1. 2007 के सैन्य-समर्थित तख्तापलट के थे ‘कोऑर्डिनेटर’

मसूदुद्दीन चौधरी 2007-2008 की उस सैन्य-समर्थित कार्यवाहक सरकार (Caretaker Government) में सबसे प्रभावी सैन्य अधिकारी थे, जिसने देश में आपातकाल (State of Emergency) लागू किया था।

बड़ी गिरफ्तारियां: चौधरी ने उस दौरान बनी ‘गंभीर अपराधों की राष्ट्रीय समन्वय समिति’ के प्रमुख के रूप में पूर्व प्रधानमंत्रियों— खालिदा जिया और शेख हसीना सहित देश के सैकड़ों शीर्ष राजनेताओं और व्यापारियों को सलाखों के पीछे भेजा था।

ताकतवर GOC: 2007 में वह सावर स्थित सेना की महत्वपूर्ण 9वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) थे और उन्हें तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल मोईन यू अहमद का सबसे करीबी माना जाता था।

2. गिरफ्तारी की वजह: “केसों का पहाड़”

ढाका पुलिस के डीबी प्रमुख शफीकुल इस्लाम ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि पूर्व जनरल के खिलाफ फिलहाल 5 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं।

मनी लॉन्ड्रिंग: हाल ही में सीआईडी (CID) ने उन पर करीब 100 करोड़ टका (लगभग 8.5 मिलियन डॉलर) की मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। आरोप है कि उनकी कंपनी ‘फाइव एम इंटरनेशनल’ ने मलेशिया में मजूदरों को भेजने के नाम पर करोड़ों का घोटाला किया।

हत्या का वारंट: सूत्रों के अनुसार, उनके खिलाफ एक पुराने मामले में हत्या का वारंट भी जारी था, जिसे आधार बनाकर यह आधी रात की छापेमारी की गई।

3. सैन्य अधिकारी से राजनेता तक का सफर

राजदूत: सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया में बांग्लादेश का उच्चायुक्त नियुक्त किया गया था।

सांसद: 2018 में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और पूर्व राष्ट्रपति एच.एम. इरशाद की ‘जातीय पार्टी’ (Jatiya Party) के टिकट पर फेनी-3 निर्वाचन क्षेत्र से सांसद चुने गए।

4. बांग्लादेश की सियासत में हलचल

मसूदुद्दीन चौधरी की गिरफ्तारी ने बांग्लादेश के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। विश्लेषकों का मानना है कि उनकी गिरफ्तारी से ‘1/11’ काल के कई और राज बाहर आ सकते हैं, जिससे कई वर्तमान और पूर्व नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। फिलहाल उन्हें डीबी दफ्तर में रखकर पूछताछ की जा रही है और सुरक्षा के मद्देनजर राजधानी ढाका में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।

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