बिहार में पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और बढ़ते पारे के बीच मौसम विभाग (IMD) ने राहत और चेतावनी दोनों जारी की है। प्रदेश के कई जिलों में अचानक बादल छाने और धूल भरी आंधी चलने से तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान राज्य के 18 से अधिक जिलों में गर्जन और वज्रपात (Thunderstorm & Lightning) को लेकर ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती हवाओं का असर
पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण बिहार के वायुमंडल में बदलाव आया है।
धूल भरी आंधी: अगले दो दिनों तक 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
बादलों का डेरा: राजधानी पटना सहित गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, जिससे चिलचिलाती धूप से राहत मिलेगी।
इन जिलों में बारिश और वज्रपात की चेतावनी (District-wise Alert)
मौसम विभाग ने उत्तर और पूर्वी बिहार के जिलों के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा है:
उत्तर बिहार: सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा और समस्तीपुर में मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
सीमांचल और पूर्वी बिहार: पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश के आसार हैं।
दक्षिण बिहार: बक्सर, गया और रोहतास जैसे जिलों में मौसम शुष्क बना रह सकता है, लेकिन शाम के समय धूल भरी आंधी चल सकती है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
मार्च का यह महीना रबी फसलों की कटाई और आम-लीची के मंजरों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
फसल की सुरक्षा: तेज आंधी और ओलावृष्टि (Hailstorm) की स्थिति में आम के मंजरों को नुकसान हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
सावधानी: वज्रपात (ठनका) की आशंका को देखते हुए आंधी-पानी के दौरान पेड़ों के नीचे या खुले मैदानों में न रहें।
तापमान का हाल: कहां कितनी राहत?
सोमवार को बिहार के अधिकतम तापमान में गिरावट देखी गई। पटना का अधिकतम तापमान 31.5°C दर्ज किया गया, जबकि कैमूर में पारा 34.3°C तक रहा। आने वाले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान 30 से 33 डिग्री के बीच बने रहने की उम्मीद है, जिससे दोपहर की तपिश कम महसूस होगी।
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