अशोक वर्मा
मोतिहारी : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में मनाए जाने वाले सभी उत्सव त्यौहारो में मुख्य रूप से शिव जयंती – अवतरण का महत्व है।इसे बडे ही आत्मिक भाव से मनाया जाता है । बृहस्पतिवार को बनिया पट्टी सेवा केंद्र पर जयंती समारोह के संदर्भ में भाई बहनों की मीटिंग सेवा केंद्र प्रभारी बी के विभा की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने बताया कि एक माह तक मनाए जाने वाला शिवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ देश विदेश मे आरंभ हो चुका है ।सभी सेंटर एवं बीके पाठशालाओ के द्वारा बड़े ही श्रद्धा उमंग एवं उत्साह के साथ यह कार्यक्रम आरंभ हो चुका है। यह आयोजन परमात्मा के भारत की भूमि पर अवतरण के उपलक्ष में मनाया जाता है, इसलिए इसका बहुत ही ज्यादा महत्व है। ब्रह्मकुमारी के मुख्य त्यौहार- समारोहो में इसे माना जाता है। उन्होंने उक्त अवसर पर भाई बहनो से विमर्श के बाद निर्णय लिया कि 8 फरवरी रविवार को सेवा केंद्र पर ही इसका भव्य आयोजन किया जाएगा। उक्त अवसर पर उपस्थित भाई बहनों को संबोधित करते हुए मीडिया विग के बीके अशोक वर्मा ने कहा कि गीता ग्रंथ में यदा यदा ही धर्मस्य ग्लानि भारते भूमि—- कहा गया है जिसके अंतर्गत परमात्मा का अवतरण प्रत्येक 5000 वर्ष के अंतराल पर जब धर्म ग्लानि चरम पर पहूच जाता है तब भारत की भूमि पर होता है।इस अवतरण का यादगार द्वापर से शिव जयंती के रूप में हम मनाते हैं ।1936 में परमात्मा का अवतरण भारत की भूमि पर हो चुका है और अवतरण के साथ ही उन्होंने नई सतयुगी दुनिया का निर्माण कार्य ब्रह्मा तन का आधार लेकर आरंभ कर दिया ।उनके कार्य के 90 वर्ष पूरे हो चुके है और भारत मे अब बहूत जल्द सतयुग आरंभ होने जा रहा है ।1936 में आरंभ इस कल्प के महत्वपूर्ण कार्यावधि को पुरुषोत्तम संगम युग कहा गया जिसकी पूर्णता के लिए परमात्मा ने 100 वर्षों का समय निर्धारित किया है। अब 91वे वर्ष में हम सभी प्रवेश कर गए हैं और हमारे पास मात्र 9 – 10 वर्ष का समय बचा हुआ है। इस शेष समय मे हमें तीन पुरूषार्थ कर संपूर्णता को प्राप्त करना है। अपने अंदर के जो भी अवगुण दुर्गुण,कमी कमजोरी रूपी कांटे हैं उसे शिवलिंग पर अर्पित कर हमें हल्का होना है ताकि नई दुनिया के लिए हम उड़ान भर सके और सतयुगी दुनिया में हमें बड़ा से बड़ा पद मिल सके। उक्त अवसर पर अन्य भाई बहनों ने भी अपने विचार एवं सुझाव व्यक्त किये जिसके अनुसार अंत में यह निर्णय लिया गया कि बनियापट्टी सेवाकेंद्र पर सुबह से लेकर 12:00 तक योग भट्टी होगा उसके बाद दो बजे दैनिक मुरली वर्ग चलेगी फिर शिव बाबा को भोग स्वीकार कराया जाएगा साथ साथ शिव ध्वजारोहण होगा। जयंती पर केक काटा जायेगा और मोमबत्ती जलाकर निराकार शिव बाबा का अवतरण- जन्मोत्सव मनाया जाएगा।पतौरा मे 11 फरवरी की सुबह योग भट्ठी, मुरली और भोग फिर शिव ध्वजारोहण होगा अंत मे ब्रह्मा भोज होगा।दोनो केंद्रो पर शिवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य पर विद्वान वक्ता अतिथि गण एवं वरिष्ठ भाई-बहन अपने विचार व्यक्त करेंगे । बैठक में उपस्थित रहने वालों में मुख्य रूप से बीके इंजीनियर हरिशंकर भाई ,बीके नंद भाई, भूषण भाई ,बीके अनिता बहन,बीके राजीव, बीके पूनम बहन ,बीके अंबालिका बहन ,बीके सारिका , भागीरथी माता एवं अन्य मुख्य वरिष्ठ भाई बहन थे ।
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