अशोक वर्मा
मोतिहारी : महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार सरकार के दिशा-निर्देशों के आलोक में जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन, पूर्वी चंपारण द्वारा बंजरिया प्रखंड के पंचायत भवन में 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में जिला परियोजना प्रबंधक के द्वारा बालिकाओं को बाल विवाह के कानूनी प्रतिबंध, इसके सामाजिक दुष्प्रभाव तथा रोकथाम के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को यह समझाया गया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य के लिए भी गंभीर खतरा है।
इस अवसर पर जिला मिशन समन्वयक द्वारा जेंडर आधारित हिंसा, लैंगिक भेदभाव, महिला सुरक्षा एवं बाल संरक्षण से संबंधित विषयों पर संवाद किया गया। साथ ही POCSO अधिनियम एवं POSH अधिनियम के अंतर्गत उपलब्ध कानूनी प्रावधानों की जानकारी देकर बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बालिकाओं की शिक्षा एवं सशक्तिकरण के महत्व के बारे मे बताया गया। प्रतिभागियों को महिला हेल्पलाइन 181, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 1930 साइबर अपराध हेल्पलाइन तथा वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम के अंत में सिसवा पूर्वी के मुखिया तान्या प्रवीण द्वारा उपस्थित सभी *बालिकाओं एवं महिलाओं को बाल विवाह के विरुद्ध सामूहिक शपथ दिलाई गई,* जिसमें समाज में जागरूकता फैलाने और किसी भी बाल विवाह की सूचना संबंधित विभाग को देने का संकल्प व्यक्त किया गया साथ ही बेटियों के नाम वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास निगम के जिला परियोजना प्रबंधक, जिला मिशन समन्वयक निधि कुमारी जेंडर विशेषज्ञ निर्भय कुमार, सी3 के जिला समन्वयक आदित्य एवं सिसवा पूर्वी पंचायत की मुखिया तान्या प्रवीण, अन्य पंचायत स्तरीय कर्मी उपस्थित थे ।
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