अशोक वर्मा
मोतिहारी : 1936 में अभिभाजित भारत के सिंध प्रांत में संस्थापित ब्रह्माकुमारी संस्था के संस्थापक ब्रह्मा बाबा की 57 वी पुण्य समृति दिवस बड़े ही श्रद्धा एवं आत्मिक भाव से बनाया गया ।सुबह योग भट्टी का कार्यक्रम हुआ फिर महावाक्य मुरली वर्ग चला उसके बाद भोग स्वीकार कराया गया। उक्त अवसर पर सेवा केंद्र प्रभारी बीके बीभा , सहायक प्रभारी बीके करुणा, वीके अशोक वर्मा शशि कला ने पुष्प अर्पण कर उन्हें नमन किया तथा उनसे आत्मिक दृष्टि ली। संबोधित करते हुए प्रभारी बीके वीभा बहन ने कहा कि ब्रह्मा बाबा मे निरंहकारिता भरी थी। उन्होंने अपने क्षमाशीलता ,दया ,करूणा और ममता के आधार पर संस्था को आगे बढ़ाया। उन्ही की देन है कि आज संस्था 150 देशो में चरित्र निर्माण का कार्य कर रही है।18 जनवरी 1969 मे संपूर्णता को प्राप्त कर ब्रह्मा बाबा ने शरीर छोडी।बीके करूणा बहन ने कहा कि बाबा ने ब्रह्मा तन का आधार लेकर विश्व को प्रकाशित किया। बीके अशोक वर्मा ने कहा कि आज विश्व के सामने ब्रह्मा बाबा एक उदाहरण स्वरुप है। इनके त्याग और तपस्या के बल पर आज संस्था बहुत आगे बढ़ गई है। व्यसन मुक्ति एवं स्वच्छता अभियान में भारत सरकार ने संस्था का सहयोग लिया और ब्रांड अंबेसडर बनाया। संबोधित करने वालों में अवकाश प्राप्त दूरसंचार कर्मी बीके हरिशंकर भाई ने कहा कि बाबा के प्रभाव आते ही लोगों को साक्षात्कार होता था। कभी कृष्णा तो कभी विष्णु का साक्षात्कार लोगों ने किया। संबोधित करने वालों में सामाजिक कार्य कर्ता लालबाबू सिंह शशि कला कुमारी,प्रो विजय शंकर पाण्डेय, संजय पाणडे के अलावा अन्य लोग थे ।सभी लोगों ने बाबा के चित्र पर पुष्प अर्पण कर उनसे दृष्टि ली।कार्यक्रम मे उपस्थित रहने वालो मे बीके शोभा,बीके रीना,बीके सवेता,बीके प्रतिमा जायसवाल,बीके सारिका,बीके अदया,बीके शिवपूजन,बीके सुरेंद्र एवं अन्य थे।
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