फाइलेरिया मुक्ति और सुरक्षित मातृत्व के लिए सीतामढ़ी स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर

Live News 24x7
2 Min Read
  • 10 फरवरी से शुरू होगा ‘सर्वजन दवा सेवन’ अभियान
  • उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान के लिए माइक्रो-प्लानिंग पर जोर
  • पीएमएसएमए के तहत अब 9, 15 और 21 तारीख को होगा गर्भवती महिलाओं का जांच
सीतामढ़ी। सिविल सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार की अध्यक्षता में भीएचएसएनडी (विलेज हेल्थ, सेनिटेशन एंड न्यूट्रीशन डे) सत्रों में दी जा रही सेवाओं में निरंतर सुधार कर समुदाय एवं लाभुकों को अधिकतम लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सभी प्रखण्डों के एमओआई लसी, बीएचएम एवं बीसीएम का एकदिवसीय प्रशिक्षण जीएनएम स्कूल, सीतामढ़ी में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में डीपीएम असित रंजन, डीएम एंड ई संतोष कुमार, डीपीसी दिनेश कुमार, सहयोगी संस्था पीरामल फाउंडेशन से जिला प्रबंधक प्रभाकर कुमार, कार्यक्रम लीड बिकेश कुमार, दुर्गा प्रसाद, रोहित कुमार तथा यूनिसेफ के एसएमसी अभिषेक कुमार की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के दौरान भीएचएसएनडी सत्रों के प्रभावी आयोजन, सेवाओं की गुणवत्ता, माइक्रो-प्लानिंग, मॉनिटरिंग एवं रिपोर्टिंग प्रणाली पर विस्तृत चर्चा की गई। इसके साथ ही सभी एचडब्लूसी पर जे ए एस (जन आरोग्य समिति) का खाता अनिवार्य रूप से खुलवाने, जे ए एस की नियमित मासिक बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
सिविल सर्जन ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देशित किया कि पीएमएसएमए का आयोजन प्रत्येक माह 9, 15 एवं 21 तारीख को सभी स्वास्थ्य संस्थानों के साथ-साथ चयनित 10 एपीएचसी पर सुनिश्चित किया जाए, ताकि उच्च जोखिम वाले गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, उनकी एंट्री एवं समुचित उपचार किया जा सके।
इसके अतिरिक्त फाइलेरिया नियंत्रणार्थ 10 फरवरी 2026 से प्रस्तावित “सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम” को सफल बनाने हेतु अभी से सभी आवश्यक तैयारियाँ पूर्ण करने पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है जब प्रखण्ड एवं संस्थान स्तर पर बेहतर समन्वय और सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए।
13
Share This Article
Leave a review

Leave a review

Your email address will not be published. Required fields are marked *