गया जी : भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय अधिकारियों द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी “पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना” के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा हेतु शुक्रवार को गया जी जिला का महत्वपूर्ण दौरा किया गय है।
इस अवसर पर भारत सरकार के वैज्ञानिक डॉ. विक्रम ढाका, बिहार अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (BREDA) के वरीय अभियंता सतीश कुमार, भारत सरकार के मानद प्रतिनिधि एवं पीएम सूर्य घर योजना के बिहार-झारखंड प्रमोटर विकास कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे हैं।
इस दौरे के क्रम में फतेहपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय में सूर्य घर योजना की प्रगति को लेकर एक विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई है, जिसकी अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री शशि भूषण साहू ने की है।
इस बैठक को संबोधित करते हुए वैज्ञानिक डॉ. विक्रम ढाका ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य “सूरज से दोस्ती, बिजली से आज़ादी” के संकल्प को साकार करते हुए पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों को नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत सरकार आम नागरिकों को सब्सिडी एवं वित्तीय संस्थानों के माध्यम से ऋण सुविधा उपलब्ध करा रही है, ताकि बिना बड़ी पूंजी लगाए लोग अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित कर, पर्यावरण को संरक्षित और प्रदूषण से मुक्त रख सकें। केंद्र सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना है
डॉ. ढाका ने यह भी स्पष्ट किया कि अब ₹2 लाख तक के ऋण में किसी प्रकार का सिविल स्कोर नहीं देखा जाएगा, तथा सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थी के ऋण खाते में जमा की जाएगी, जिससे योजना का लाभ आम लोगों तक सरलता से पहुँच सके।
इस बैठक में बी आर इ डी ए और डी०आर०डी०ए गया जी के सहायक अभियंता रितेश कुमार, विद्युत कार्यपालक अभियंता, मानपुर अजय कुमार, भारत सरकार के अधिकृत सोलर वेंडर टैलीसिया एनर्जीज़ की प्रतिनिधि श्वेता श्रीवास्तव, अंकित कुमार, कौशल कुमार, कालीचरण सहित अन्य पदाधिकारी एवं तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे हैं।
इस बैठक के उपरांत भारत सरकार के अधिकारियों ने गया सदर, चंदौती प्रखंड अंतर्गत मां मंगला गौरी क्षेत्र स्थित भारत सरकार के मानद प्रतिनिधि श्री विकास कुमार के आवास का भ्रमण किया, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया है। इस दौरान उनके आवास पर स्थापित सोलर ऊर्जा प्रणाली का निरीक्षण किया गया है, जिसका उद्घाटन पूर्व में तत्कालीन सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार द्वारा किया गया था।
अधिकारियों ने सोलर संयंत्र की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए इसे पीएम सूर्य घर योजना का आदर्श मॉडल बताया और आम नागरिकों से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।
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