गया में चिकित्सा इतिहास रचा गया: पहली बार लगा लीडलेस पेसमेकर, मगध क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि

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 धीरज गुप्ता 
गया। हृदय रोग उपचार के क्षेत्र में गया शहर ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। शहर में पहली बार अत्याधुनिक लीडलेस पेसमेकर का सफल प्रत्यारोपण किया गया है। यह जटिल और उन्नत प्रक्रिया शुभकामना हार्ट हॉस्पिटल, गया में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अमन सिन्हा द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न की गई। इस उपलब्धि को न केवल गया, बल्कि पूरे मगध क्षेत्र के लिए चिकित्सा विज्ञान में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
लीडलेस पेसमेकर पारंपरिक पेसमेकर तकनीक से कहीं अधिक आधुनिक है। इसमें न तो तार (लीड) की आवश्यकता होती है और न ही छाती में पेसमेकर रखने के लिए अलग से पॉकेट बनाई जाती है। यह अत्यंत छोटा उपकरण कैथेटर के माध्यम से सीधे हृदय के भीतर प्रत्यारोपित किया जाता है, जिससे सर्जरी कम जटिल और अधिक सुरक्षित हो जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस तकनीक के कई महत्वपूर्ण लाभ हैं। इसमें संक्रमण का खतरा बेहद कम होता है, मरीज की रिकवरी तेज होती है और शरीर पर किसी प्रकार का बड़ा निशान या उभार नहीं रहता। साथ ही, इसकी आयु लंबी और विश्वसनीयता अधिक होती है, जिससे मरीज लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं।
डॉ. अमन सिन्हा ने इस अवसर पर कहा कि गया जैसे शहर में इस अत्याधुनिक तकनीक की शुरुआत होना गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य महानगरों जैसी उन्नत हृदय सेवाएँ स्थानीय मरीजों को उनके शहर में ही उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े।
शुभकामना हार्ट हॉस्पिटल लगातार आधुनिक तकनीक, अनुभवी चिकित्सकों और बेहतर सुविधाओं के माध्यम से हृदय रोगियों को उत्कृष्ट सेवाएँ प्रदान कर रहा है। लीडलेस पेसमेकर का यह सफल प्रत्यारोपण अस्पताल की गुणवत्ता, प्रतिबद्धता और चिकित्सा उत्कृष्टता का सशक्त प्रमाण
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