- हत्या के आरोपी ससुराल वाले घर छोड़ ले लिया था वनवास
- पुलिस की जांच पर भी उठे गंभीर सवाल
मोतिहारी, नरेंद्र झा। पुलिस कैसे अनुसंधान करती है और कैसे सच को झूठ और झूठ को सच बनाती है इसका एक ताजा उदाहरण मिले हैं।जिस महिला को सात साल पहले कागजों में मृत घोषित कर दिया गया था, वह अचानक जिंदा सामने आ जाए तो यह किसी फिल्मी कहानी जैसा लगता है।लेकिन बिहार के पूर्वी चंपारण में यही हैरान कर देने वाली सच्चाई सामने आई है। सरकारी रिकार्ड में मृत मानी जा चुकी यह महिला जीवित मिली। साथ ही उसके ज़िंदा होने से पूरे प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले का अनुसंधानकर्ता सहित वरीय अधिकारी की जांच भी सवालों के घेरे में हैं। ऐसे अनेक उदाहरण हैं जहां टेबल जांच कर केस को झूठ या सच कर दिया जाता है। महिला का जिंदा मिलना यह साबित करता है कि पुलिस की जांच गंभीरता से नहीं हुई।
पति, सास, ससुर समेत पांच लोग थे हत्यारोपित
_सात साल पूर्व जिस महिला को मृत घोषित कर ससुराल वाले के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया गया था, वहीं महिला पुलिस को अपने मायके में शुक्रवार को जिंदा मिली। घटना 2018 का है।मुफस्सिल थानाक्षेत्र के बासमन भवानीपुर निवासी इंद्रासन भगत की पुत्री मंजू कुमारी की शादी 04 मार्च 2018 को चकिया थाना क्षेत्र के बारा गोविंद निवासी उपेंद्र भगत के साथ हुई थी।मंजू के पिता ने 09 नवंबर 2018 को मोतिहारी न्यायालय में एक कोर्ट परिवाद दायर किया, जिसमें मंजू के पति, सास, ससुर समेत पांच लोगों पर दहेज के लिए मंजू की हत्या कर साक्ष्य छुपाने के लिए शव को गायब कर देने का आरोप लगाया था। कोर्ट परिवाद के आधार पर चकिया थाना में कांड संख्या 294/18 दर्ज किया गया। तत्कालीन एसडीपीओ एवं एसपी ने अपने पर्यवेक्षण में घटना को सत्य करार दिया।_
सभी आरोपित घर छोड़कर फरार रहते थे
मंजू के पति ने बताया कि गिरफ्तारी के भय से सभी आरोपी घर छोड़कर फरार रहते थे। इस दौरान मंजू के पिता को मोटी रकम देकर न्यायालय में इस केस में सुलहनामा भी लगाया गया।इधर जैसे ही उनलोगों को जानकारी हुई कि मंजू अपने मायके आई हुई है तो इस केस के अनुसंधानकर्ता पीएसआई मौसम कुमार ने पीएसआई साक्षी स्नेहा एवं पुलिस बल के साथ छापेमारी कर मंजू को उसके मायके से पुलिस अभिरक्षा में ले लिया।प्रारंभिक पूछताछ के अनुसार मंजू अपने ससुराल से भागकर अहमदाबाद चली गई, जहां एक युवक से शादी कर रह रही थी। उसे एक बच्चा भी है। हाल ही में वह मायके आई थी, जहां से पुलिस ने उसे बरामद किया है। थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर मुन्ना कुमार ने बताया कि बरामद महिला से पूछताछ की जा रही है। वहीं इस मामले में झूठा केस करने समेत अन्य कानूनी पहलुओं की जांच की जा रही है। अब झूठी खबर देकर मुकदमा दर्ज कराने वाले पर मुकदमा होगा तो फिर गलत जांच करने वाले केस के अनुसंधान करने वाले अधिकारियों पर भी कानून बनता है,यह देखने वाली बात होगी।
41