बुद्ध दर्शन एवं उनके ऐतिहासिक तथ्यों को विस्तार से बताया जाएगा
मोतिहारी, नरेंद्र झा।केसरिया में स्थित विश्व के सबसे ऊंचे बौद्ध स्तूप के सामने एक आधुनिक प्रतिबिंब केंद्र का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। यह केंद्र महात्मा बुद्ध के जीवन, उनके उपदेशों और बौद्ध दर्शन को आधुनिक दृश्य-श्रव्य तकनीकों के माध्यम से देश-विदेश के पर्यटकों और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। इसकी संरचना बौद्ध स्तूप की तर्ज पर ही तैयार की जा रही है, जिससे इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता बढ़ जाती है।लगभग 18 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस प्रतिबिंब केंद्र का निर्माण कार्य आधे से अधिक पूरा हो चुका है। अनुमान है कि अगले तीन से चार महीनों के भीतर यह परियोजना पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगी।
ऑडियो-विजुअल माध्यमों से प्रदान की जाएगी विस्तृत जानकारी
केंद्र के पूर्ण होने के बाद, यहां आने वाले पर्यटकों को महात्मा बुद्ध के जीवन दर्शन, उनके संदेशों और ऐतिहासिक तथ्यों की विस्तृत जानकारी ऑडियो-विजुअल माध्यमों से प्रदान की जाएगी। इससे न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवाओं को भी बुद्ध के विचारों को गहराई से समझने का एक सशक्त मंच मिलेगा।
वर्ष 2023 में इस प्रतिबिंब केंद्र का शिलान्यास किया था
इस महत्वपूर्ण परियोजना का निरीक्षण बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं कर चुके हैं। स्थानीय विधायक शालिनी मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वर्ष 2023 में इस प्रतिबिंब केंद्र का शिलान्यास किया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह परियोजना वर्ष 2026 तक पूरी तरह तैयार हो जाएगी और इसका उद्घाटन भी मुख्यमंत्री के हाथों ही होगा।विधायक शालिनी मिश्रा के अनुसार, कई पर्यटकों और नई पीढ़ी को बुद्ध के बारे में सही और संपूर्ण जानकारी नहीं मिल पाती है। इसी कमी को दूर करने के लिए यह प्रतिबिंब केंद्र तैयार किया जा रहा है, जहां दृश्य माध्यमों से महात्मा बुद्ध के विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।
27