भरोसेमंद चेहरा, 20 साल से विधायक और इतनी संपत्ति… कौन हैं बिहार BJP के नए अध्यक्ष संजय सरावगी

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नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के 24 घंटे बाद ही भाजपा ने नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा कर दी. दरभंगा से लगातार छह विधानसभा चुनाव जीत चुके संजय सरावगी को बिहार प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया है. इनकी गिनती पार्टी के पुराने और भरोसेमंद चेहरे में होती है. अब वह वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल की जगह लेंगे.

फरवरी 2005 में पहली बार चुनाव जीतने वाले सरावगी ने अब तक हार का मुंह नहीं देखा है. अक्टूबर 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने जीत हासिल की. उसके बाद से 2010, 2015, 2020 और 2025 में वह दरभंगा विधानसभा क्षेत्र से लगातार चुनाव जीत रहे हैं. इस साल संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने वीआईपी पार्टी के उम्मीदवार को 24,000 से भी ज्यादा वोटों से हराया था.

कैसा है सरावगी का पॉलिटिकल करियर

पिछले नीतीश सरकार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री के रूप में संजय सरावगी अपनी कार्य क्षमता का कुशल परिचय भी दे चुके हैं. अगस्त 1969 में जन्मे संजय सरावगी ने एमकॉम और एमबीए की पढ़ाई की है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपनी राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले सरावगी 1999 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला मंत्री के पद पर रहे.

2001 में दरभंगा नगर मंडल भाजपा के अध्यक्ष बने. 2002 में दरभंगा नगर निगम के वार्ड संख्या 6 से पार्षद निर्वाचित हुए. 2003 में वह दरभंगा जिला महामंत्री के पद पर रहे. 2005 में ही उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा और उसके बाद से उनकी जीत का सिलसिला लगातार जारी है. संजय सरावगी के बारे में एक चीज और मशहूर है कि वह हर किसी से हंस करके मिलते हैं.

जानें कितनी संपत्ति के हैं मालिक

चुनावी हलफनामे के मुताबिक, वह काफी अमीर हैं. वह करोड़पति विधायकों में शुमार हैं. उनकी नेटवर्थ 6.58 करोड़ रुपये है. उनकी कुल संपत्ति 7.47 करोड़ रुपये है, जबकि उन पर 88.85 लाख रुपये का कर्ज है.

वैश्य समुदाय से आते हैं सरावगी

संजय सरावगी वैश्य समुदाय से आते हैं. राजनीतिक पंडितों की मानें तो बीजेपी ने नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना करके सवर्ण और संजय सरावगी को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर अति पिछड़ा वोट को बैलेंस करने की पूरी कोशिश की है. सरावगी की पकड़ अपने कार्यकर्ताओं के बीच में काफी मजबूत मानी जाती है. साथ ही साथ वह अपने समुदाय के साथ दूसरे समुदाय में भी अच्छी खासी बैठ रखते हैं.

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