मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के प्राणी विज्ञान विभाग में सर जगदीश चंद्र बोस की 167वीं जयंती के अवसर पर एक विशेष सेमिनार-सह-व्याख्यान का आयोजन किया गया है। इस समारोह का शुभारंभ प्रति कुलपति प्रोफेसर बी आर के . सीन्हा कुल सचिव बी के मंगलम, विज्ञान संकाय के डीन एस एन पी यादव, जंतु विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर दिलीप कुमार केशरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया है।प्रोफेसर केसरी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आज के विषय वस्तु पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के युग में सिंथेसिस औषधियों के बदले समान पौधे एवं मसाले का उपयोग पोषण के साथ साथ औषधियों के रूप में किया जाए। ताकि मानव स्वास्थ्य पर प्रति कुल असर न पड़े।
प्रति कुलपति डॉ. सिन्हा ने जगदीश चंद्र बोस के उपलब्धियों का वर्णन किया और कहा कि उनकी खोजों ने विज्ञान के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत की है। कुल सचिव प्रोफेसर मंगलम ने जीवविज्ञान को साहित्य के साथ जोड़ते हुए बच्चों को विभिन्न प्रकार से प्रोत्साहित किया है। प्रोफ़ेसर एस नी पी यादव ने कहा कि ऐसा आयोजन सभी विभागों को नियमित रूप से करना चाहिए।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर ईना रॉय बनर्जी ने “बायोलॉजिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी इनोवेशन एट द इंटरफेस ऑफ ट्रांसलेशनल आउटकम्स रिसर्च” विषय पर व्याख्यान दिया है। उन्होंने बेसिक रिसर्च, ट्रांसलेशनल रिसर्च, और क्लिनिकल रिसर्च के महत्व पर प्रकाश डाला और दैनिक जीवन में प्रौद्योगिकी के उपयोग से होने वाले लाभों को विस्तार से समझाया है।
इस अवसर पर शोधार्थियों और छात्र-छात्राओं ने भी भाग लिया और व्याख्यान का लाभ उठाया है। समारोह के अंत में जगदीश चंद्र बोस के 167वीं जयंती के अवसर पर पौधा रोपण किया गया और “गो ग्रीन” पहल के तहत दक्षिण बिहार में जूट के झोले वितरित कर लोगों को प्लास्टिक प्रदूषण के खतरों के बारे में जागरूक किया गया है।
इस व्याख्यान में मंच संचालन जंतु विज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापिका पूनम सिंह के द्वारा किया गया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. एल के तरुण द्वारा किया गया है ।
इस अवसर पर डॉ सफ़राज आली, एवं आभा कुमारी आदि शिक्षक, शिक्षेतक कर्मचारी , एवं अधिक सख्या मै छात्र, छात्राएं उपस्थिति थे।
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