धर्मेन्द्र!  भारतीय सिनेमा के एक करिश्माई अभिनेता व नायाब शख्सियत थे : डाॅ. चन्द्रलता

Live News 24x7
3 Min Read
भारतीय सिनेमा जगत के ‘ही – मैन’ सिल्वर स्क्रीन के सर्वाधिक आकर्षक शख्स व अपने अद्भुत एवं यादगार अभिनय से दशको तक पीढ़ियो के दिलो पर राज करने वाले महान अभिनेता धर्मेंद्र के निधन से चंपारण का कला जगत अत्यंत मायूस और मर्माहत है।
    मंगलवार को शहर के हास्पिटल रोड़ स्थित वात्सल्य नर्सिंग होम परिसर मे चंपारण सांस्कृतिक महोत्सव समिति के तत्त्वावधान मे एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर धर्मेन्द्र को श्रद्धा सुमन अर्पित की गई।
           कलाकर्मियो ने धर्मेन्द्र के चित्र पर पुष्प अर्पित किया, फिर भारतीय सिनेमा मे उनके उल्लेखनीय योगदान को रेखांकित कर उन्हें नमन किया।
   महोत्सव समिति की वर्किंग प्रेसिडेंट डाॅ. चन्द्रलता झा ने कहा कि हिन्दी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का निधन भारतीय कला एवं सिनेमा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि सिनेमा के सदाबहार अभिनेता धर्मेंद्र का अभिनय के क्षेत्र मे अद्वितीय योगदान सदियो – सदियो तक याद किया जाता रहेगा। डाॅ. स्वस्ति सिन्हा ने कहा कि धर्मेंद्र ने दशको तक अपने अभिनय से कई पीढ़ियो के दिलो पर राज किया है। उन्होंने कहा कि धर्मेन्द्र के निधन से कला के एक युग का अंत हो गया है। डाॅ. अतुल कुमार ने कहा कि सिने जगत में दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की अपनी अलग व खास पहचान थी। उन्होंने  कहा कि धर्मेंद्र ने अपने उत्कृष्ट अभिनय के बल पर दुनिया भर के दर्शकों को दीवाना बना रखा था और हर दिल पर राज किया है। एम. एस. काॅलेज के पूर्व प्राचार्य डाॅ. अरुण कुमार ने कहा कि धर्मेन्द्र के निधन से सिने जगत को हुई अपूरणीय क्षति की भरपाई असंभव है। डाॅ. अरुण ने कहा कि करीब तीन सौ फिल्मो में शानदार अभिनय कर चुके ‘ही – मैन’ धर्मेन्द्र को हिंदी सिनेमा का जेम्स बॉन्ड भी माना जाता है ।
वरीय संस्कृतिकर्मी संजय पाण्डेय ने कहा कि धर्मेन्द्र एक बेहद संजीदा शायर और बेहद सुरीले गायक भी थे। तरन्नुम मे अपने  लय-स्वर-ताल और स्वर लहरियो से वे श्रोता- दर्शको को कभी भावुक तो कभी मदमस्त कर देते थे।
     नीता शर्मा ने कहा कि धर्मेन्द्र एक सम्पूर्ण अभिनेता के साथ महान शख्सियत भी थे। उन्होंने कहा कि धर्मेन्द्र जैसी शख्सियत संपूर्ण मानव जगत के जीवन मे प्रेम के इन्द्रधनुषी रंग बिखेरने, नयी ऊर्जा से अभिप्रेरित करने, सहृदयता व सहिष्णुता का पाठ पढ़ाने की खातिर संसार मे अवतरित होती हैं।
   देवप्रिय मुखर्जी ने कहा कि  अपने करिश्माई अभिनय से सिनेमा प्रेमियो के दिलो पर धर्मेन्द्र ने जो अमित छाप छोड़ी है, अभिनय कला के नये- नये रंग बिखेरे हैं, कलाप्रेमी सदियो- सदियो तक उसमें डूबते और इतराते रहेंगे।
         मौके पर प्रो. बिनोद तिवारी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
54
Share This Article
Leave a review

Leave a review

Your email address will not be published. Required fields are marked *