सीट शेयरिंग को लेकर NDA में घमासान, चिराग 28 से 30 सीटों पर हो सकते हैं राजी, लेकिन लगाई ये शर्तें!

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बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के कई दिन गुजर गए हैं, लेकिन अभी तक एनडीए की ओर से सीट शेयरिंग को लेकर कोई ऐलान नहीं जा सका है. सीट शेयरिंग को लेकर गठबंधन के कई घटक दल अपने लिए ज्यादा से ज्यादा सीटों की मांग कर रहे हैं. इसमें केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और जीतन राम मांझी लगातार अड़े हुए हैं. अब सूत्रों के हवाले से खबर है कि चिराग कुछ शर्तों के साथ 28 से 30 सीटों पर मान जाएंगे.

चिराग पासवान को मनाने की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय को दी गई है. इसी सिलसिले में नित्यानंद राय आज गुरुवार दोपहर चिराग से मिलने उनके आवास गए. लेकिन उनके घर पहुंचने से करीब 15 मिनट पहले ही लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास पासवान) के शीर्ष नेता घर से निकल चुके थे. चिराग की अनुपस्थिति में नित्यानंद ने चिराग की मां से मुलाकात की. मुलाकात के बाद नित्यानंद राय ने कहा, “मेरे और चिराग के अभिभावक इसी घर में हैं, और मैं उनका आशीर्वाद लेने आया था. किसने कहा कि चिराग नाराज हैं?”

इस बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में सीट बंटवारे को लेकर दावा किया जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी चिराग को 28 से 30 सीटें देना चाहती हैं और वह इस पर कुछ शर्तों के साथ राजी हो सकते हैं.

विश्वस्त सूत्रों के हवाले से खबर है कि चिराग पासवान ने जिन 5 सीटों के लिए अपनी दावेदारी पेश की है, उसमें लालगंज, दानापुर, गोविंदगंज, मटिहानी और बखरी विधानसभा की सीट है. इसमें लालगंज, गोविंदगंज, बखरी और दानापुर पर बीजेपी का कब्जा है. जबकि मटिहानी सीट पर नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड को पिछले चुनाव में जीत मिली थी.

माना जा रहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव में चिराग अपनी पार्टी के 28 से 30 सीटों के अलावा राज्यसभा में एक सीट और एक सीट MLC के लिए मांग रहे हैं. चिराग पासवान लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास पासवान) की बैठक के बाद अंतिम मुहर लगाएंगे. पहले कहा जा रहा है कि चिराग अपनी पार्टी के लिए कम से कम 45 सीटों की मांग कर रहे थे.

चिराग पासवान के अलावा जीतन राम मांझी भी सीट शेयरिंग को लेकर नाराज चल रहे हैं. एनडीए में शामिल हिन्दुस्तान अवाम मोर्चा (हम-सेकुलर) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपनी स्थिति साफ करते हुए कि वह किसी तरह का ‘दावा नहीं, बल्कि अनुरोध’ कर रहे हैं कि उनकी पार्टी को अगले चुनाव में सम्मानजनक संख्या में सीटें दी जाएं.

केंद्रीय मंत्री मांझी ने कल बुधवार को कहा, “अगर हमें 15 सीटें भी नहीं दी गईं तो यह मेरे और मेरी पार्टी के लिए बेहद अपमानजनक होगा. यदि हमें 15 सीटें मिलती हैं, तो हम आसानी से 8 से 9 सीटें जीत सकते हैं. ऐसे में हम मान्यता प्राप्त पार्टी भी बन जाएंगे. पार्टी के गठन के 10 साल बाद भी हम एक मान्यता प्राप्त पार्टी नहीं बन सकी है. इसलिए, मैं एनडीए नेताओं से अनुरोध कर रहा हूं, किसी तरह का दावा नहीं.”

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