एकमा विधानसभा में टिकट को लेकर NDA में अंदरुनी घमासान, धूमल सिंह पर संकट के बादल

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अनूप नारायण सिंह की रिपोर्ट।
पटना/सिवान। लोकसभा चुनाव 2024 समाप्त होने के बाद अब बिहार में विधानसभा सीटों को लेकर एनडीए में अंदरूनी हलचल तेज हो गई है। खासकर सिवान जिले की एकमा विधानसभा सीट को लेकर गठबंधन में तगड़ा मंथन चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, धूमल सिंह के खिलाफ पार्टी के पास गंभीर आरोपों के पुख्ता सबूत हैं, जिससे उनकी उम्मीदवारी पर तलवार लटक गई है।
विश्वस्त सूत्रों का दावा है कि एनडीए के पास ऐसे प्रमाण हैं कि धूमल सिंह ने लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह से करोड़ों रुपये लिए थे और उनके बेटे तथा कांग्रेस प्रत्याशी आकाश सिंह के पक्ष में काम किया। आरोप है कि टिकट नहीं मिलने की खीझ में धूमल सिंह ने अपने ही गठबंधन के विरुद्ध कार्य किया, जिससे भाजपा उम्मीदवार को चुनावी नुकसान हुआ।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के वरिष्ठ नेता कामेश्वर सिंह मुन्ना एक मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव में एकमा से प्रत्याशी रहे मुन्ना सिंह ने इस बार लोकसभा चुनाव में एनडीए उम्मीदवार के लिए विनिंग कांबिनेशन की भूमिका निभाई। वे न केवल संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय रहे, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 20 जून को प्रस्तावित जसौली रैली की तैयारियों में भी पूरी ताकत से जुटे हुए हैं।
इतना ही नहीं, हाल ही में चिराग पासवान की आरा में हुई मेगा रैली में मुन्ना सिंह ने हजारों गाड़ियों के साथ दमदार शक्ति प्रदर्शन किया, जिसने पार्टी नेतृत्व को भी प्रभावित किया है। पार्टी के बड़े नेताओं की सहानुभूति भी अब उनके पक्ष में झुकी नजर आ रही है।
एनडीए सूत्रों का कहना है कि एकमा में इस बार समीकरण बदलने वाले हैं। यदि धूमल सिंह पर लगे आरोपों की पुष्टि होती है, तो उनकी उम्मीदवारी पर रोक लग सकती है, और इस स्थिति में कामेश्वर सिंह मुन्ना को टिकट मिलने की संभावना बहुत प्रबल हो गई है।
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