- माहवारी होना एक सामान्य एवं प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है
- मासिक धर्म के समय स्वच्छता जरूरी है
बेतिया : विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर बेतिया के एएनएम स्कूल सहित कई स्थानों पर मासिक धर्म के बारे में स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा विस्तार पूर्वक चर्चा किया गया
ताकि किशोरी व महिलाएँ आनेवाले मासिक धर्म के समय क्या-क्या सावधानियाँ रखनी है इसको जान सकें। इस सम्बन्ध में एसीएमओं डॉ रमेश चंद्रा ने बताया की उस समय की असावधानी के कारण जाने अनजाने में कई प्रकार के रोग व इन्फेक्शन की शिकार महिलाएँ हो जाती है इसलिए पीरियड के दौरान स्वछता बहुत जरूरी है। वहीं पिरामल फाऊंडेशन के प्रतिनिधि राखी सिंह ने सभा में उपस्थित सभी एएनएम को माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया, उन्होंने कहा माहवारी कोई शर्म की बात नहीं है, बल्कि यह एक प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है। मौके पर एसीएमओ डॉ रमेश चंद्रा, एएनएम महाविद्यालय के प्राचार्य हरिहर गुप्ता, आरबीएसके जिला समन्वयक डॉ रंजन कुमार मिश्रा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेतिया के स्वास्थ्य प्रबंधक, पिरामल फाऊंडेशन के प्रतिनिधि राखी सिंह एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।
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