जिले के 747 हाइड्रोसील फाईलेरिया मरीजों की हुई सर्जरी

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  • जीएमसीएच बेतिया, अनुमण्डलीय अस्पताल नरकटियागंज एवं बगहा मे होता है निःशुल्क ऑपरेशन 
  • बचाव हेतु वर्ष में एकबार डीईसी एवं अल्बेण्डाजोल की गोली का सेवन जरुरी 
बेतिया। फाइलेरिया एक गंभीर रोग है जिसके कारण समान्यतः लोगों में हाथी पाँव के लक्षण दिखाई पड़ते है। परन्तु इसमें कई प्रकार के लक्षण दिखाई देते है। कुछ पुरुषो में हाइड्रोसील बड़ा, सूजन होना जैसे लक्षण दिखाई देते है तो स्त्रियों में स्तन एवं जननांग भी असामान्य हो जाते है। इसमें सूजन हो जाता है। हाइड्रोसील फाईलेरिया एक ऐसा रोग है जिसकी सर्जरी कर मरीजों क़ो ठीक किया जा सकता है। जिसके लिए लोगों क़ो जागरूक होने की जरूरत है। इस सम्बन्ध में जिले के डीभीडीसीओ डॉ हरेंद्र कुमार ने बताया की जिले के 747 हाइड्रोसील फाईलेरिया मरीजों की सर्जरी हो चुकी है। जिले के जीएमसीएच बेतिया, अनुमण्डलीय अस्पताल नरकटियागंज एवं बगहा मे इसका निःशुल्क ऑपरेशन होता है जिसका लाभ उठाना चाहिए।
भीडीसीओ प्रशांत कुमार ने बताया की सभी पीएचसी, अनुमण्डलीय अस्पताल में फाइलेरियारोधी दवाई उपलब्ध है। फाइलेरिया से बचाव हेतु वर्ष में एकबार डीईसी, एवं अल्बेण्डाजोल की गोली का सेवन जरुरी होता है।
समय पर फाइलेरिया की रोकथाम जरूरी:
एसीएमओ डॉ रमेश चंद्रा ने कहा की फाइलेरिया एक गंभीर रोग है जिसका ईलाज व देखरेख नहीं करने पर यह काफ़ी गंभीर हो जाता है। फाइलेरिया को आम बोलचाल की भाषा में हाथी पांव भी कहा जाता है। शुरुआत में यह बीमारी होने पर आपके हाथ, पैर, स्तन और मुंह पर सूजन दिखाई दे सकती है। इसके अलावा कुछ लोगों में फाइलेरिया की बीमारी होने पर उनके अंडकोष में भी सूजन आ सकती है। इस बीमारी के बारे में सही जानकारी होने पर आप आसानी से इसे दूर कर सकते हैं। फाइलेरिया के बारे में सही जानकारी और समय पर इसके लक्षणों को पहचानकर ईलाज से  बचाव संभव है।
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