अशोक वर्मा
मोतिहारी : स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति द्वारा घोषित प्रत्येक माह के प्रथम रविवार की सुबह 10:00 बजे सेनानी के नाम कार्यक्रम अंतर्गत नगर के श्री कृष्णा नगर में महान स्वतंत्रता सेनानी सरयु राय के स्मृति में बड़ा ही सम्मानजनक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य शशिकला ने की तथा संचालन अशोक वर्मा ने किया ।कार्यक्रम के प्रथम चरण में संयोजक रत्नेश्वरी शर्मा ने सरयू शर्मा के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जब से कस्तूरबा गांधी उनके गांव का भ्रमण कर रही थी तो गांव की चुलहिया देवी ने उनको कहा कि आप एक स्कूल खोलिये जिससे बचचे पढ़ाई कर सके। कस्तूरबा ने उस गरीब औरत के सुझाव को स्वीकार किया और बापू से चर्चा कर उन्होंने बडहरवा लखन सेन में स्कूल खोली।प्रो विजय शंकर पाण्डेय ने गोविंदगंज के थाना कांड पर विस्तार से प्रकाश डाला।अध्यक्षीय भाषण मे शशिकला ने कहा कि सरयू बाबू का योगदान स्वतंत्रता संग्राम में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। वे भूमिगत रहकर अंग्रेजों से टक्कर लेते रहे और स्वतंत्रता सेनानियों के लिए शक्ति बनकर के काम किया। कार्यक्रम के आरंभ में संचालन के दौरान अशोक वर्मा ने उपस्थित तमाम सेनानी परिवार के सदस्यों का परिचय कराया जिसमें राजर्षि देव के पुत्र ध्रुव त्रिवेदी, बिंदेश्वरी गुप्ता की पुत्री राजकुमारी गुप्ता, भोलाराम तूफानी की पुत्री शशिकला जी एवं पटपरिया के कौशल किशोर पाठक के बारे में विस्तार से बताया ।अशोक वर्मा ने अपने पिता राम औतार प्रसाद वर्मा के बारे मे कहा कि मेरे पिताजी इतने दुबले पतले थे कि जब नमक सत्याग्रह मे गिरफ्तार किए गए तो उनके हाथों से हथकड़ी निकल जाती थी लेकिन उन्होंने पुलिस से हथकड़ी लेकर पहनकर ही जेल जाने में गर्व महसूस किया। वक्ताओं में कई लोग थे मुख्य रूप से स्वतंत्रता सेनानी के पुत्र और पुत्री ने अपने-अपने पिता माता के योगदान पर चर्चा की ।वक्ताओ ने जेपी सेनानी के तर्ज पर उत्तराधिकारी पेंशन देने की माग सरकार से की।स्काउट गाइड की दो बच्चियों ने स्वतंत्रता सेनानी के योगदान पर प्रकाश डाला। संबोधित करने वालों में ध्रुव त्रिवेदी ने अपनी सेनानी मा और पिता के योगदान पर प्रकाश डाला।संबोधित करनेवालो मे प्रेम प्रकाश सिंह, दयाल शर्मा, अभिजीत कुमार थे। भारत स्काउट गाइड के राजेश्वर प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापन किया ।कार्यक्रम की शुरुआत में सेनानी परिवार के सदस्यों के अलावा उपस्थित सभी लोगों ने सेनानी सरयू शर्मा के चित्र पर पुष्प अर्पण कर उन्हे नमन किया तथा उनके परिकल्पना के राष्ट्र निर्माण का संकल्प लिया ।
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