परिवार नियोजन कार्यक्रम में बेहतर कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को सिविल सर्जन ने किया पुरस्कृत

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  • उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों व फ्रंट लाइन वर्कर्स को किया गया सम्मानित
  • ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करने का दिया गया निर्देश
मुजफ्फरपुर। जिला स्वास्थ्य समिति के द्वारा समय समय पर बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित किया जाता है। ताकि, बेहतर कार्य करने वाले लोगों की हौसलाअफजाई की जा सके। इस क्रम में परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों और फ्रंट लाइन वर्कर्स को सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार ने जिला कार्यक्रम कार्यालय स्थित सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया। यह पुरस्कार उन्हें वर्ष 2024 में परिवार नियोजन कार्यक्रम में बेहतर कार्य के लिए दिया गया। इस दौरान सिविल सर्जन ने सभी को प्रशस्ति पत्र देकर भविष्य में इसी प्रकार से बेहतर कार्य करने की अपील की।
सिविल सर्जन ने कहा कि स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मियों की मेहनत और लगन की बदौलत जिला दिन प्रतिदिन परिवार नियोजन कार्यक्रम में आगे बढ़ रहा है। इसके लिए वो सभी लोग बधाई के पात्र हैं, जो विभिन्न कार्यक्रमों के बीच परिवार नियोजन कार्यक्रम को गति देने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने जिले के सभी पदाधिकारियों, अधिकारियों और फ्रंट लाइन वर्कर्स को परिवार नियोजन कार्यक्रम में अपना श्रेष्ठ देने को कहा। ताकि जिले को राज्य में अग्रिम स्थान दिलाने का लक्ष्य रखा जा सके। उन्होंने कहा कि जिले में प्रजनन दर में कमी के लिए जागरूकता जरूरी है। गर्भ निरोधकों के उपयोग को बढ़ाने और सामुदायिक स्तर पर इसकी पहुंच बनाने की आवश्यकता है। जिसको सीएचओ और आशा कार्यकर्ताएं बेहतर तरीके से पूरा कर सकते हैं।
दो बच्चों के बीच कम से कम तीन साल का अंतर रखना चाहिए :
अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ चंद्रशेखर प्रसाद ने बताया कि सभी का सपना होता है कि वो अपने बच्चे को उचित परवरिश दें, लेकिन जब परिवार बड़ा हो जाता है तो यह संभव नहीं हो पाता। ऐसे में हमें अपने बच्चों को उचित परवरिश एवं अच्छी शिक्षा देने के लिए छोटा परिवार जरूरी है। परिवार नियोजन का मतलब है कि बच्चों की संख्या को नियंत्रित करना और दो बच्चों के बीच अंतराल बनाए रखना। लोगों को शादी के कम से कम दो साल बाद पहले बच्चे की योजना बनानी चाहिए। दो बच्चों के बीच कम से कम तीन साल का अंतर रखना चाहिए। तभी जाकर खुशहाल परिवार का सपना साकार हो पाएगा। इसके लिए हम सभी को मिलकर जिलेवासियों को परिवार नियोजन के साधनों के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। लोगों को नियोजन के स्थाई व अस्थाई साधनों की जानकारी देनी होगी। ये सभी सुविधाएं सभी सरकारी संस्थान में बिल्कुल मुफ्त में उपलब्ध है।
मौके पर सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार, एसीएमओ डॉ चन्द्रशेखर प्रसाद, डीपीएम रेहान असरफ, डीएमओ डॉ सुधीर कुमार, डीएएम बिनोद कुमार, प्रभारी डीसीएम डॉ प्रशान्त कुमार, डीडीए राज किरण कुमार, निलेश कुमार डीसी सी3, नसिरूल होदा पीएल पीरामल सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।
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