फ़रवरी 2025 तक 3342 महिलाओं ने अपनाया सब डर्मल इम्प्लांट

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  • 4194 महिलाओं ने सब-कुटेनियस सुई पर जताया भरोसा  
  • अभी राज्य के चयनित केवल दो-दो जिले में ही उपलब्ध कराई गयी है यह सुविधा
पटना। अस्थायी गर्भ-निरोधक साधन सब डर्मल इम्प्लांट और एमपीए सब-कुटेनियस ने सूबे की महिलाओं के बीच आशाजनक लोकप्रियता प्राप्त की है. हालांकि ये दोनों सुविधाएँ अभी केवल दो-दो जिले में ही उपलब्ध हैं. ताजा जानकारी के अनुसार, राज्य में फ़रवरी 2025 तक 3342 महिलाओं ने सब डरमल इम्प्लांट लगवा कर अपने बच्चों में अंतर रखा है. वहीँ 4194 महिलाओं ने एमपीए सबकुटेनियस इंजेक्शन लगवाया है. सब डर्मल इंप्लांट की सुविधा पटना और भागलपुर में तथा एमपीए सब-कुटेनियस की सुविधा शेखपुरा एवं मुंगेर में अभी उपलब्ध है.
महिला लाभार्थियों ने दिया सकारात्मक संदेश:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य में 3342 महिलाओं ने सब डर्मल इम्प्लांट पर भरोसा जताया है. पटना में 2118 एवं भागलपुर में 1224 महिलाओं ने अब तक इम्प्लांट का चुनाव किया है. वहीँ 4194 महिलाओं ने मुंगेर एवं शेखपुरा में एमपीए सबकुटेनियस इंजेक्शन पर भरोसा किया है. शेखपुरा में 2563 एवं मुंगेर में 1631 महिलाओं ने एमपीए सबकुटेनियस इंजेक्शन लगवाया है. उल्लेखनीय है कि राज्य में 2023 अक्टूबर से गर्भ निरोधक के रूप में लंबी अवधि के अस्थायी साधन में नया विकल्प लाभार्थियों के लिए उपलब्ध कराया गया है. इसमें राज्य के दो जिले पटना एवं भागलपुर के 4 अस्पतालों में फिलहाल सब-डरमल की सुविधा उपलब्ध है. जबकि एमपीए सब-कुटेनियस गर्भनिरोधक सुई लाभार्थियों को शेखपुरा एवं मुंगेर में उपलब्ध करायी जा रही है. इसकी शुरुआत नवंबर 2023 में शेखपुरा से की गयी थी.
कुछ दिनों में फिर से गर्भधारण कर सकती है महिलाएं
परिवार नियोजन के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ एके शाही ने बताया कि सब डर्मल इंप्लांट परिवार नियोजन कार्यक्रम में उपलब्ध अस्थाई साधनों की सूचि में शामिल हो चुका है. अगर कोई महिला बीच में ही गर्भधारण करना चाहती है तो वह इसे निकालने के कुछ दिनों में ही गर्भधारण के लिए तैयार हो जाती है. यह इसे अन्य उपलब्ध अस्थायी साधनों की तुलना में इसे विशेष बनाता है. यदि कोई महिला गर्भधारण में प्राथमिकता के आधार पर तीन साल साल की देरी करना चाहती है, तो इसमें सब डर्मल इम्प्लांट प्रभावी है.
इम्प्लांट है एक प्रभावी विकल्प:
एम्स की एसोसिएट प्रोफेसर, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, डॉ. मोनिका अनंत ने बताया कि अगर कोई महिला बीच में ही गर्भधारण करना चाहती है तो वह इसे निकालने के कुछ दिनों में ही गर्भधारण के लिए तैयार हो जाती है. यह इसे अन्य उपलब्ध अस्थायी साधनों की तुलना में इसे विशेष बनाता है. यदि कोई महिला गर्भधारण में प्राथमिकता के आधार पर तीन साल साल की देरी करना चाहती है, तो इसमें सब डर्मल इम्प्लांट प्रभावी है. इससे करीब तीन वर्षों तक महिला अनचाहे गर्भ से सुरक्षित रह सकती है.
विभा देवी (काल्पनिक नाम) अपना बायां हाथ उपर उठाती हैं और वह जगह दिखाती है, जहां सब डर्मल इंप्लांट किया गया है.  ‘‘यह एक माचिस की तीली के समान परिवार नियोजन के लिए अस्थायी साधन है. जिसमें मैं अब तीन वर्षों तक इसका लाभ ले सकती हूँ. अगर मुझे बीच में ऐसा लगता है कि अब परिवार में नए सदस्य की जरूरत है तो मैं इसे निकलवा भी सकती हूँ’’.
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