बाल्यकाल मे ईश्वरीय सेवा मे जुड़ी बीके मुक्ता,हिन्दी मे कर रही है एम ए

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अशोक  वर्मा

मोतिहारी : आध्यात्मिक व्यक्तित्व के अधिवक्ता  शिवपूजन राउत के ज्येष्ठ पुत्री बीके मुक्ता बाल्य काल में ब्रह्मकुमारी के ईश्वरीय ज्ञान में आई । पिता एवं दादा से मिले आध्यात्मिक संस्कार के कारण बहुत जल्द ही उसे ईश्वरीय ज्ञान की पकड हुई और मोतिहारी बनियापट्टी सेवा केंद्र प्रभारी बी के विभा बहन के साथ ईश्वरीय सेवा कार्य में जूटी रही।साधारण परिवार से आने वाली बीके मुक्ता आज एम ए हिन्दी फाइनल इयर की छात्रा है साथ-साथ प्रतिदिन ईश्वरीय  महा वाक्य एवं  पढ़ाई की दुनिया में जुडी है। मुक्ता मे लगगशीलता है । अमूमन इस उम्र में  लड़कियों के अंदर जो फैशन आदि की ओर रुझान होता है उससे यह कन्या काफी दूर है।निश्चित ही इसे ईश्वरीय शक्ति की प्राप्ति हो रही है ।इसके पिता बीके शिव पूजन राउत जो मोतिहारी में  विगत 30 वर्षों से अधिक समय से अधिवक्ता है , उनके अंदर बाल्यकाल से आध्यात्मिक रुझान रहने के कारण वर्तमान दौर के अधिवक्ताओं से इनका जीवन अलग है और अपने पारिवारिक खर्च भर की आमदनी कर ईश्वरीय सेवा में  लगे रहते हैं।  उनके पिता  एक साधु  थे। ब्रह्मा कुमारी में आने के पहले अपने युगल के साथ जय गुरुदेव संस्था से जुड़े थे परंतु जब जय गुरुदेव की मृत्यु हुई और संस्था मे उथल-पुथल हुआ तब स्वप्न मे जयगुरुदेव से मिले  निर्देशानुसार ये श्वेत वस्त्र धारी संस्था से जुडे और आज कई बार बाबा मिलन मे माउंट आबू की यात्रा कर चुके है। आज उनकी पुत्री मुक्ता भी दिनों दिन आगे बढ़ती जा रही है ।सुगौली में आयोजित 89वां त्रिमूर्ति शिव जयंती के मौके पर उसका बड़ा ही सुंदर संक्षिप्त संबोधन हुआ और शिव जयंती की मुबारकबाद एवं बधाई सभी को दी।  ईश्वरीय संपर्क में आने की सभी से विनती भी की। उसने कहा कि वर्तमान पुरुषोत्तम संगम युग भाग्य बनाने का युग है । जो भी व्यक्ति चाहे तो परमात्मा से निकट का संबंध बनाकर अपना भाग्य बन सकता है।

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