अशोक वर्मा
मोतिहारी : जिले के सुप्रसिद्ध महिला चिकित्सिका एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉक्टर हेना चंद्रा के संयोजकत्व मे 3 दिसंबर को महात्मा गांधी प्रेक्षागृह में कायस्थ महासम्मेलन होगा । देशरत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद की जयंती के मौके पर सभी चित्रांश एवं अन्य बुद्धिजीवीकरण काफी संख्या में इकट्ठा होंगे इस बाबत संयोजक डॉक्टर हेना चंद्रा ने बताया कि पूर्वी चंपारण जिले में कायस्थ एक महा शक्ति के रूप में है।मोतिहारी के ठाकुरबाड़ी में 130 वर्ष अधिक समय से चित्रगुप्त मंदिर संचालित है और मंदिर के बगल में कायस्थ छात्रावास भी है जहां से काफी चित्रांश परिवार के बच्चे पढ़ाई कर आगे निकले हैं और देश विदेश मे बड़े-बड़े पद पर कार्यरत है। उन्होंने कहा कि पूर्वी चंपारण जिले में कायस्थो की संख्या काफी है । कायस्थ जाति के लोग अति कुशाग्र बुद्धि के साथ साथ ज्ञान संपन्न माने जाते हैं ।आज भी देश के बड़े-बड़े राजनेता, मंत्री गणों के सचिव ज्यादातर कायस्थ जाति के लोग ही है। देश के प्रशासनिक पदों पर ज्यादातर चित्रांश परिवार कंपटीशन निकाल रहे हैं । इन सब के बावजूद आज भी देश में कायस्थ राजनीतिक शक्ति के रूप में नहीं उभर पाया है जिसका मूल कारण है कि सारे गुण प्रतिभा संपन्न होने के बावजूद कायस्थ बिखरे है। डॉक्टर हेना चंद्रा ने बताया कि चंपारण क्रांति की भूमि है। इस भूमि ने देश को नई दिशा दी है चाहे स्वतंत्रता संग्राम हो या जयप्रकाश नारायण का छात्र आंदोलन हो, चंपारण ने अपने विशेष प्रतिभा एवं गुण का परिचय दिया है और आंदोलन में चंपारण के चित्रांश नवयुवको ने बढ़ चढ़कर भाग लिया है।इसका जीवंत प्रमाण है धर्मसमाज रोड के गोरख बाबू वकील,पंच मंदिर रोड के रामदयाल प्रसाद सिन्हा ,मिसकौट के राम अवतार प्रसाद वर्मा,मंगल श्रीवास्तव,मेन रोड के महान कवि बलदेव प्रसाद श्रीवास्तव,प्रो सरयुग बाबू,कमला बाबू आदि। आयोजन समिति के अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि बदलते दौर मे कायस्थ जाति के लोगो ने अपनी शक्ति को पुनः पहचाना है और राजनीतिक शक्ति संपन्न होकर देश की राजनीति मे अब अपने बल पर आगे बढेगे।
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