- बिहार सरकार भी उसी तर्ज पर पेंशन लागू करें –राजकुमारी गुप्ता, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी
अशोक वर्मा
मोतिहारी : उड़ीसा मे लंबे समय से स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी पेंशन की मांग के लिए संघर्षरत थे ।आजादी के 77वे वर्ष एवं अगस्त क्रांति के 82 वे वर्ष पर वहां की सरकार ने इस गंभीर विषय पर निर्णय लिया और स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारियों के लिए 9 अगस्त शहीद दिवस के अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी सम्मान पेंशन योजना लागू किया । उड़ीसा के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण मांझी ने उत्तराखंड की तरह स्वतंत्रता सेनानी परिवारों की प्रथम पीढ़ी को सम्मान कुटुम्ब पेंशन देने की घोषणा की। पूर्वी चंपारण जिला स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन द्वारा उडिसा सरकार के निर्णय का स्वागत किया गया तथा वहा की सरकार के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए उन्हें बधाई दी । संगठन के वरिष्ठ सदस्य एवं पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष राजकुमारी गुप्ता ने कहा कि बिहार सरकार को भी उड़ीसा के तर्ज पर प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारियों को पेंशन की सुविधा देनी चाहिए ,यह समय की मांग है ।जिन उत्तराधिकारियो के पूर्वजों ने अपने जीवन को कुर्बान कर दिया, आजादी की लड़ाई में शहीद हो गए, फांसी के फंदे पर लटक गए तथा भूमिगत होकर अपनी जवानी को राष्ट्र के लिए समर्पित कर दिया आज उनके वंशजों को सरकार जो भी देगी वह कम ही होगा, इसलिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जो स्वंय स्वतंत्रता सेनानी के पुत्र हैं, उन्हें इस मर्म को समझना चाहिए कि बहुत से ऐसे सेनानी उत्तराधिकारी हैं जो अभाव का जीवन जी रहे। ऐसे लोगों की सरकार द्वारा सूधी लेनी चाहिए। जिला अध्यक्ष श्रीकिशोर पांडे , प्रदेश सचिव अशोक वर्मा एवं जिला के वरीय उपाध्यक्ष कौशल किशोर पाठक ने इस बावत बताया कि उड़ीसा में उत्तराधिकारियों का संघर्ष जिस तरह रंग लाया बिहार में अगर पेंशन योजना लागू नहीं होता है तो यहां भी प्रदेश संगठन के नेतृत्व में पूरे बिहार के उत्तराधिकारी आदोलन आरंभ करेगे ।कहा कि उड़ीसा की तरह हम लोग भी सरकार को बाध्य कर देंगे कि वह उत्तराधिकारियों को पेंशन दे। श्री पाठक ने यह भी कहा कि बिहार स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन सिर्फ पेंशन तक मांग नहीं करती है बल्कि सेना के परिवार सामान स्वतंत्रता सेनानी परिवार को भी देश का नंबर वन परिवार घोषित किया जाए तथा प्रत्येक स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी की चिकित्सा, ट्रेन बस में मुफ्त यात्रा आदि की भी हम मांग करते है।सरकार को यह चाहिए कि प्रत्येक स्वतंत्रता सेनानी परिवार का सर्वे कराकर उनकी वास्तविक स्थिति को सार्वजनिक करें और उनके हर सुख सुविधा की व्यवस्था सरकार द्वारा होनी चाहिए ।स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारियों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान होगा और इतिहास गवाह है कि जब भी आजादी के दीवाने सेनानियों का जिस राष्ट्र में सम्मान मिला वह राष्ट्र उन्नति के शिखर तक पहुंचा ।उत्तराधिकारी अमीता निधि ने कहा कि चंपारण जिला स्वतंत्रता सेनानियों का गढ रहा है और यहा हजारों की संख्या में सेनानी परिवार एवं उत्तराधिकारी है अतः संयुक्त चंपारण की तरफ से एक बड़ा आंदोलन खड़ा होना चाहिए ताकि सरकार के कानों तक हमारी आवाज पहुंचे और इस गंभीर मुद्दा पर सरकार निर्णय लेने के लिए बाध्य हो।
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