पितृपक्ष मेला क्षेत्र से आवारा पशुओं को पकड़ने का कार्य करें एवं पशुओं को गौशाला में सुरक्षित रखें : जिलाधिकारी

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 गया। जिला पदाधिकारी, गया डॉ० त्यागराजन एसएम की अध्यक्षता में पितृपक्ष मेला 2024 के सफल आयोजन हेतु साफ सफाई कार्य समिति तथा विद्युत प्रकाश कोषांग के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई है। इस वर्ष पितृपक्ष मेला का आयोजन 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक निर्धारित है। उक्त पितृपक्ष मेला के सफल आयोजन के लिए  अलग अलग कार्य समिति का गठन किया गया है। इस कार्य समिति के साफ-सफाई तथा विधुत प्रकाश व्यवस्था समिति के कार्यों की समीक्षा आज की गयी है।  जिला पदाधिकारी ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि सभी घाटों, सभी वेदी की प्रॉपर साफ-सफाई अभी सही करवाना सुनिश्चित करावे। विष्णुपद, अक्षयवट, सीताकुंड, प्रेतशिला, रामशिला इत्यादि स्थान काफी महत्वपूर्ण है यहां प्रतिदिन हजारों हजार तीर्थयात्री निरंतर रूप से आते हैं। इसलिए यहां पालीवाल साफ-सफाई अनिवार्य है। मेला क्षेत्र में पड़ने वाले वार्डो की सफाई, नालों की सफाई, गलियों की सफाई प्रॉपर करवाये।गया जी डैम में निरंतर पानी उपलब्ध है। मेला अवधि में काफी भीड़ रहती है।यात्री नदी में ही पिंड सामग्रियों को प्रवाहित करते है। जिसके कारण पानी गंदा होने की पूरी संभावना बनी रहती है। पिछले वर्ष नेट जाल लगाकर पानी से पिंड सामग्रियों को अलग किया जाता था, इस वर्ष भी जाल के माध्यम से सफाई करवाये। लोगो को प्रेरित एव जागरूक करते रहे कि पिंड सामग्रियों को घाट पर बने पक्का पीत में ही डाले।डीएम ने कहा कि इस वर्ष रेन फॉल की पूरी संभावना है। इसके लिये सभी आवश्यक राहत की व्यवस्था,वैकल्पिक व्यवस्था दुरुस्त रखे। वर्तमान समय मे 3 क्वारट लगाकर सफाई करवाई जा रही है।सभी आवासन स्थलों की पूरी सफाई व्यवस्था रखे। सेफ्टी टैंक भी साफ करवा लें।  डीएम ने कहा कि कोई भी आवासन स्थल में जल जमाव नही हो इसका पूरा ख्याल रखे। अभी से ही जांच करते हुए कच्चा या पक्का ड्रेनेज सिस्टम बना ले। नगर आयुक्त द्वारा बताया गया कि वेदी स्थलों की साफ सफाई हेतु ड्राइवर सहित पर्याप्त ट्रैक्टर सेपरेट रखा गया है तथा उसके साथ ही पर्याप्त संख्या में मजदूर भी रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष मेला के लिए मेला क्षेत्र में स्पेशल रूट चार्ट तैयार कर साफ सफाई संबंधी कार्य कराए जाएंगे ताकि कोई भी गली मोहल्ला या टोला सफाई हेतु वंचित ना रहे। इस वर्ष पितृपक्ष मेला में साफ सफाई का पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किया जाएगा। छोटा बड़ा मिलाकर 82 वाहन सफाई में प्रयोग किये जायेंगे। नगर निगम क्षेत्र के साथ-साथ मेला क्षेत्र के विभिन्न प्याऊ, वैट चापाकल आदि की मरम्मत करवाते हुए चालू करवा दिया गया है, यदि मेला अवधि में कुछ कमी आने पर उसे तुरंत ठीक करवाया जाएगा। इसके साथ ही नगर निगम के जितने भी शौचालय, स्नानागार, चेंजिंग रूम इत्यादि हैं सभी को मरम्मत करवाते हुए आउटसोर्सिंग द्वारा लगातार मेंटेनेंस रखने का भी निर्देश दिया गया है।मेला क्षेत्र में यत्र तत्र फैले आवारा पशुओं को पकड़ने के संबंध में जिला पदाधिकारी ने नगर निगम को सख्त निर्देश दिया है कि अगस्त माह के अंतिम तिथि से स्पेशल ड्राइव चलाते हुए मेला क्षेत्र से आवारा पशुओं को पकड़ने का कार्य करें तथा संबंधित पशुओं को गौशाला में सुरक्षित रखें। इसके साथ ही आवारा पशु पकड़े जाने पर संबंधित पशु मालिक के भारी जुर्माना वसूल की जाएगी। उन्होंने मेला क्षेत्र के लोगों से अपील किया है कि अपने पशुओं को अपने घर पर ही अच्छे तरीके से बांध करके रखें उन्हें यत्र तत्र मेला क्षेत्र में ना छोड़े। प्रायः यह पाया गया है कि मेला क्षेत्र में आवारा पशुओं के कारण तीर्थ यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।*
   जिला पदाधिकारी ने साफ सफाई संबंधी शिकायत के लिए नगर आयुक्त को नियंत्रण कक्ष स्थापित करने का निर्देश दिया ताकि साफ सफाई से संबंधित समस्या आने पर संबंधित स्थान पर त्वरित गति से कार्रवाई किया जा सके।  नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि इस वर्ष पितृपक्ष मेला में हर आवासन स्थल में एक पानी टैंकर एवं सफाई कर्मी रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करावे ताकि यात्रियों को किसी प्रकार का पानी का दिक्कत तथा सफाई की समस्या का सामना ना करना पड़े।
डीएम ने कहा कि रामशिला, रामकुंड, पितमहेसव्र तालाबो की सफाई कार्य अभी से ही प्रारंभ करवाये। इसके अलावा प्रेतशिला कुंड की भी सफाई तेजी से करवाये। ब्रह्मशत, बैतरणी, सूर्यकुंड तालाब की सफ़ाई कार्य तेजी से पूर्ण करवाये। डीएम ने कहा कि सुबह 04 बजे से दोपहर 02 बजे तक मेला क्षेत्र विशेष कर देवघाट , विष्णुपद मंदिर एरिया में सफाई का पुख्ता व्यवस्था रखना होगा। इस अवधि में सभी अधिकारी पूरी तत्परता से काम करेंगे।
   मेला क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी के समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया है कि मेला क्षेत्र में जितने भी स्ट्रीट लाइट हैं। उनको अच्छे से जांच कराते हुए यदि कहीं खराब है तो उसे अति शीघ्र मरम्मत कराते हुए चालू करवाने का निर्देश दिए इसके साथ ही प्रमुख चौक चौराहे, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन इत्यादि क्षेत्रों में भी रोशनी का पुख्ता इंतजाम रखें।  लाइट का सर्वे में 586 स्ट्रीट लाइट खराब है, उसे ठीक करवाया जा रहा है। इसके अलावा 3584 एलीइडी लाइट में 435 एलीडी लाइट खराब है, इसे भी ठीक करवाया जा रहा है। बड़े आकार के 36 हाई मास्टर लाइट में 12 बंद है। इसके साथ ही मिनी हाई मास्टर लाइट 86 में 4 बंद है, उसे ठीक करवाया जा रहा है। लाइट मरामति के लिये 4 टीम कार्यरत है, उसे बढ़ाकर 8 टीम किया जा रहा है।  डीएम ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया है कि मरामति दल की मैन पॉवर, मेटेरियल की क्वालिटी एव क्वांटिटी की जांच करे।
  सीता पथ एव देवघाट पर रौशनी की पूरी व्यवस्था रखे। कही भी डार्क स्पॉट नही रहे हैं। जहां कही लूज वायर है।उसे ठीक करवाये।इस बैठक मे नगर आयुक्त गया नगर निगम, वरीय उप समाहर्ता रविन्द्र दिवाकर, ज़िला जन सम्पर्क पदाधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद बोधगया, नगर निगम के उप नगर आयुक्त, सिटी मैनेजर, नगर निगम के सफाई प्रबंधक, नगर निगम के अभियंतागण सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
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