पश्चिम चम्पारन के जिलाधिकारी ने कम होते जलस्तर के दृष्टिगत बैरिया प्रखंड अंतर्गत गण्डक नदी के किनारे विभिन्न गांवों का किया दौरा

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  • दल-बल के साथ बांध, तटबंध, जल अवरोध और मरम्मत का निरीक्षण करने पहुँचे जिलाधिकारी
  • पटजिरवा घाट, घोड़हिया घाट, सिंघही घाट एवं पिपरा घाट पहुंच वस्तुस्थिति का लिया जायजा
  • कार्यपालक अभियंता, जल निस्सरण प्रमंडल को निर्देश 
  • जलस्तर कम होने के उपरांत कटाव से बचाव हेतु क्या-क्या वर्क किया जा सकता है, 
  • आकलन करते हुए विस्तृत प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश।
  • बेतिया। पश्चिम चम्पारन के जिलाधिकारी श्री दिनेश कुमार राय ने आज दल-बल के साथ जलस्तर, कटाव और तटबंधों के रख-रखाव का मुआयना करने बैरिया प्रखंड के कई गांवों का दौरा किए। इस दौरान जिलाधिकारी बैरिया प्रखंड अंतर्गत पटजिरवा घाट, घोड़हिया घाट, सिंघही घाट एवं पिपरा घाट पहुंचे और वस्तुस्थिति का जायजा लिए। इस दौरान अधिकारियों एवं ग्रामीणों से फीडबैक भी लिए।
जिलाधिकारी ने दिया अधिकारियों को निर्देश 
जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता, जल निस्सरण प्रमंडल को निर्देश दिया कि जलस्तर कम होने के उपरांत कटाव से बचाव हेतु क्या-क्या वर्क किया जा सकता है, इसका आकलन करते हुए विस्तृत एवं सुदृढ़ प्रतिवेदन समर्पित करेंगे। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी को लगातार सजग एवं सचेत रहकर तटबंधों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया।
स्थानीय ग्रामीणों ने रखी अपनी बात 
इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी महोदय को कई बातों से अवगत कराया गया। उन्होंने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि जो भी काम हो वह स्थाई प्रवृत्ति का हो, जिससे कि आने वाले भविष्य में उन्हें बाढ़ एवं कटाव का भय ना सताए। निरीक्षण स्थल पर मौजूद ग्रामीणों से जिलाधिकारी ने सीधा सवाल पूछा कि किस तरह से इस समस्या से लड़ा जा सकता है, जिस पर अच्छी-खासी राय लोगों ने व्यक्त की।
जिलाधिकारी ने समस्या पर हल की बात की 
जिलाधिकारी ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि इसका समाधान नदी के अविरल धारा को प्रवाहमान बनाकर किया जा सकता है। अगर नदी की सफाई हो, उसमें बैठे गाद हटा दिया जाए तो बाढ़ की समस्या से लड़ना आसान हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह काम वाल्मीकिनगर से शुरू कर अंतिम छोर तक करना होगा। साथ ही जहाँ जरूरत हो वहाँ बोल्डर के द्वारा किनारों को कटाव से बचाया जा सकता है।
बाढ़ पर नजर रखना जरूरी 
उन्होंने कार्यपालक अभियंता, जल निस्सरण को भी हालात पर चौबीस घंटे नजर रखने के लिए कहा। यह भी दिशा-निर्देश दिया की दो कनीय अभियंता एवं एक सहायक अभियंता यहाँ पर कैंप करेंगे, जो बाढ़ एवं कटाव के हालात पर लगातार नजर रखेंगे।
ग्रामीणों में संतोष
जिलाधिकारी महोदय के तत्परता को देखते हुए ग्रामीणों ने संतोष जाहिर किया। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों के बीच से विनोद कुमार यादव, प्यारे लाल पटेल, जहांगीर आलम, सरदेव प्रसाद कुशवाहा ने अपनी बात रखी।
दार्शनिक अंदाज में दिखे जिलाधिकारी 
दार्शनिक अंदाज में जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि सिस्टम में लोग आएंगे जाएंगे लेकिन सिस्टम बना रहेगा। इसलिए काम अच्छे से होना चाहिए अधिकारी आएंगे और जाएंगे। स्थानीय लोग यहीं के हैं। वर्षों से यहाँ रहते आये हैं। काम ऐसा होना चाहिए कि कल को कोई दिक़्क़त न हो। काम दिखे भी।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता, श्री राजीव कुमार सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी, बेतिया सदर, श्री विनोद कुमार, अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, श्री रामानुज प्रसाद सिंह, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा, श्री सुजीत कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी, बैरिया, श्री कर्मजीत राम, अंचलाधिकारी, बैरिया, श्री मुकेश कुमार, कार्यपालक अभियंता, जल निस्सरण, श्री संजय कुमार सहित अन्य अधिकारी जल निस्सरण प्रमंडल के सहायक एवं कनीय अभियंता , माननीय जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।
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