चुनाव आचार संहिता के दौर मे प्रशासन को मिलीअपारशक्ति ,यहीअवसर है शहर को अतिक्रमण मुक्त करने का

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अशोक वर्मा
मोतिहारी : अतिक्रमण से कराहते मोतिहारी शहर वासियों को चुनाव आचार संहिता लगने से यह उम्मीद जगी थी की नगर अतिक्रमण मुक्त होगा तथा प्रतिदिन के जाम से लोगों को राहत मिलेगी लेकिन आचार संहिता लगे हुए कुछ दिन हो  गए परंतु प्रशासन इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। मोतिहारी शहर मोतीझील के दोनों तरफ बसा हुआ है। सड़के चौड़ी है लेकिन अतिक्रमण के कारण काफी संकीर्ण हो चुकी है। नगर के मुख्य पथ की चौड़ाई 40 फीट से ज्यादा है लेकिन दोनों तरफ के दुकानदारों ने अपने सटर के बाहर 10 फीट जमीन अतिक्रमण कर  दुकान फैलाते है। 5 फीट रोड मोटरसाइकिल खडी करने में यानी सड़क के दोनों तरफ 15-15 फीट जमीन अतिक्रमित हो जाती है। मात्र 10 फीट रोड आवागमन के लिए खाली रहती है ।मुख्य पथ की स्थिति इतनी खराब है की दोनों तरफ की नालियां भी बंद है, लोगों ने भर दिया है। पानी का बहाव सीधे सड़क पर ही होता है । मोहल्लो की स्थिति तो और ही वदतर है।  बनियापट्टी, तेलियापटटी ,जौनपुर रघुनाथपुर का नीचला इलाका या फिर पंचमंदिर  रोड , कुंवारी देवी चौक,  राजेंद्र नगर खुदानगर ,खुशबू नगर आदि क्षेत्र जल जमाव के रूप में जाना जाता है और कहीं से भी जल निकासी की व्यवस्था प्रशासन के द्वारा नहीं किया जा रहा है। जब बारिश होती है तो पानी को जैसे तैसे निकालने का प्रयास किया जाता है। अतिक्रमण होने का मुख्य कारण  जनप्रतिनिधियों का उदासीन होना है।वे अपने वोट खराब होने के डर से प्रशासन पर दबाव बनाते हैं कि अतिक्रमण को ना तोड़ा जाए ।इसलिए वर्तमान मे लोकसभा चुनाव आचार संहिता का समय है ,इस समय का उपयोग अतिक्रमण मुक्ति में अगर जिला प्रशासन करें तो लोगों को राहत मिलेगी और पूरा शहर जो अतिक्रमण से कराह रहा है,स्थाई समाधान होगा और आम लोगों को आवागमन में जो कठिनाई हो रही है उससे उन्हें मुक्ति मिलेगी।
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