अशोक वर्मा
मोतिहारी : नगर के अमर छतौनी निवासी तथा प्रसिद्ध कवि अशोक कुमार राकेश के बडे पुत्र धनबाद कॉलेज के संगीत प्राध्यापक राकेश कुमार पटना मे बिहार संगीत नाटक अकादमी के पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर शंकर प्रसाद से मिलकर बिहार में कला संस्कृति के विकास पर लंबी बातें की।
उन्होंने उनको स्मृति दिलाया कि चंपारण महोत्सव के दौरान मोतिहारी में आपने घोषणा की थी कि चंपारण बिहार का सांस्कृतिक राजधानी बनेगा।उन्होंने कहा कि आपके सुभ कामना का प्रभाव मोतिहारी में दिखा और चंपारण में सांस्कृतिक गतिविधियां काफी बढी। लगातार कला संस्कृति के विभिन्न क्षेत्रो में लगातार बडे बडे आयोजन हुये दोनो चंपारण मे लगातार चंपारण महोत्सव का 28आयोजन हुआ जो एक कीर्तिमान रहा । उसके साथ-साथ मोतिहारी मे चंपारण सांस्कृतिक महोत्सव नामक संस्था का भी गठन हुआ जिसके द्वारा हेमा मालिनी, गुलाम मोहम्मद,पंकज उधास के अलावा देश विदेश के बड़े-बड़े कलाकारों का कार्यक्रम मोतिहारी में हुआ। श्री राकेश ने डा शंकर प्रसाद से कहा कि वर्तमान दौर में पारंपरिक वाद्य कला एवं संगीत का महत्व बढ़ गया है ।उन्होने कहा कि बिहार में भोजपुरी के नाम पर गायकी को अपमानित किया जा रहा है इस पर अंकुश लगाने की जरूरत है । डॉक्टर शंकर प्रसाद ने तबला वादक राकेश से लंबी बातें की तथा उन्हें आश्वासन दिया कि कला संस्कृति की भूमि बिहार ने हमेशा देश को रौशनी देने का काम किया है जो आगे भी जारी रहेगा । यहां के कलाकार देश विदेश में कला का परचम लहरा रहे हैं । तबला वादक श्री राकेश के साथ प्राचीन कला केन्द्र,चण्डीगढ़ (बिहार क्षेत्र) के प्रबंधक श्री अभिषेक जी भी थे । इस अवसर पर उन्होंने अपनी पुस्तक “यादों की विरासत भेंट की ।
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