महिला की मौत के मामले में NTPC और त्रिवेणी सैनिक माइनिंग के पांच अधिकारियों पर FIR

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  • जुगरा डंपिंग एरिया में ओबी (मिट्टी-पत्थर) के मलबे में दबकर हुई थी प्रीति देवी की मौत, पति ने अदालत में दर्ज कराया था परिवाद
  • कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
हजारीबाग: बड़कागांव थाना क्षेत्र के जुगरा गांव में महिला की मौत के मामले में न्यायालय के आदेश के बाद NTPC और त्रिवेणी सैनिक माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के पांच अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला जुगरा निवासी अरुण कुमार साव की पत्नी प्रीति देवी (30 वर्ष) की मौत से जुड़ा है। इस मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) की अदालत ने परिवाद संख्या 1543/2026 में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156(3) के तहत पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया था।
मामले में त्रिवेणी सैनिक माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के उत्तम झा और चंचल सिंह तथा NTPC लिमिटेड के मुकेश कुमार, दीपक मोदी और प्रशांत सिंह को नामजद आरोपी बनाया गया है। न्यायालय के आदेश के बाद डाड़ी ओपी में कांड संख्या 182/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
मुआवजे के विवाद के दौरान हुई थी घटना
परिवाद के अनुसार, 22 फरवरी 2026 को दोपहर करीब एक बजे प्रीति देवी जुगरा डंपिंग एरिया के समीप अपनी बकरियां चरा रही थीं। आरोप है कि उनकी जमीन पर उचित मुआवजा दिए बिना ओवरबर्डन (ओबी) की डंपिंग की जा रही थी। इसका विरोध करने पर कंपनी के अधिकारियों के साथ विवाद हुआ। परिवादी का आरोप है कि इसी दौरान मिट्टी-पत्थर से लदे वाहन से प्रीति देवी के ऊपर ओबी गिरा दिया गया, जिससे मलबे में दबकर उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
न्यायालय के आदेश के बाद शुरू हुई कानूनी कार्रवाई
घटना के बाद पीड़ित परिवार की ओर से पुलिस एवं संबंधित अधिकारियों से शिकायत किए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया। इसके बाद अरुण कुमार साव ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान परिवादी के अधिवक्ता पवन कुमार यादव ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों के आधार पर अपना पक्ष रखा। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष अनुसंधान करने का निर्देश दिया।
अब पुलिस अनुसंधान में घटना की वास्तविक परिस्थितियों, लगाए गए आरोपों और नामजद अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाएगी। मामले ने कोयला खनन परियोजना क्षेत्र में जमीन, मुआवजा और ओबी डंपिंग से जुड़े विवादों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
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