पटना: बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है। राजधानी पटना सहित कई जिलों में आसमान बादलों से ढका हुआ है और रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर को प्रदेश के 33 जिलों के लिए अलग-अलग स्तर की चेतावनी जारी की है। इनमें दो जिलों को रेड अलर्ट पर रखा गया है।
सीतामढ़ी और मधुबनी में अत्यंत भारी बारिश की आशंका
मौसम विभाग ने सीतामढ़ी और मधुबनी जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। यहां अत्यंत भारी बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। पूर्वानुमान के मुताबिक, हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम की गंभीरता को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है।
चार जिलों में ऑरेंज और 27 जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर और दरभंगा में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में खराब मौसम के साथ भारी बारिश की संभावना है।
वहीं, राजधानी पटना समेत 27 जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इस सूची में गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, अरवल, औरंगाबाद, गया, जहानाबाद, नालंदा, नवादा, समस्तीपुर, बेगूसराय, शेखपुरा, लखीसराय, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार शामिल हैं।
बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी ने बढ़ाई बारिश की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, दक्षिण छत्तीसगढ़ और आसपास के दक्षिण ओडिशा क्षेत्र में बना अवदाब कमजोर होकर निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल रहा है। इसके प्रभाव से बिहार में नमी वाली पूर्वी हवाओं का प्रवाह बढ़ा है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश के लिए अनुकूल माहौल बना हुआ है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 से 31 अक्टूबर के बीच बिहार के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की भी संभावना है।
जलजमाव और वज्रपात को लेकर रहें सावधान
लगातार बारिश से शहरी और निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या बढ़ सकती है। इससे सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने के साथ सामान्य जनजीवन पर भी असर पड़ने की आशंका है। नदियों और छोटी जलधाराओं के जलस्तर में वृद्धि की संभावना को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। बिजली चमकने और गरजने के समय खुले मैदानों में जाने से बचें। पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं के पास खड़े न हों। मौसम सामान्य होने तक सतर्कता बरतना जरूरी है।
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