मौत की घाटी में फिर मचा हाहाकार! अनियंत्रित कोयला लदे हाइवा ने बस, कार, बाइक व ट्रेलर को मारी टक्कर

Live News 24x7
7 Min Read
  • चुटूपालू घाटी में 5 घंटे तक थमा रांची-पटना फोरलेन, 10 किमी लंबा जाम; एसपी मुकेश कुमार लुणायत के निर्देश पर रामगढ़ पुलिस की सक्रियता से संभले हालात
  • एसपी के निर्देश पर तुरंत सक्रिय हुई रामगढ़ पुलिस
  • सड़क पर फैला डीजल, फिर मंडराने लगा बड़े हादसे का खतरा
  • करोड़ों की सड़क, लेकिन रात में अंधेरे की चादर
  • अंधेरे में राहत कार्य ने बढ़ाई पुलिस की चुनौती
  • बंद स्ट्रीट लाइटों ने बढ़ाई मुसीबत, एसपी के निर्देश पर रातभर जुटी रामगढ़ पुलिस; घायलों को समय पर पहुंचाया अस्पताल
महावीर अग्रवाल
रामगढ़: रांची-पटना फोरलेन की चर्चित चुटूपालू घाटी में शुक्रवार की रात एक बार फिर भीषण सड़क हादसे से अफरा-तफरी मच गई। कोयला लदा एक हाइवा अनियंत्रित होकर पहले बाइक को अपनी चपेट में लेने के बाद कार, यात्री बस, ट्रेलर समेत कई वाहनों से टकराता चला गया। एक के बाद एक वाहनों में हुई जोरदार टक्कर के बाद घाटी में चीख-पुकार और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हादसे में दर्जनों लोगों के घायल होने की सूचना है। एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसे तत्काल इलाज के लिए रामगढ़ सदर अस्पताल भेजा गया।
हादसे के बाद रांची-पटना मुख्य मार्ग पर करीब पांच घंटे तक यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। देखते ही देखते चुटूपालू घाटी के दोनों छोर पर करीब 10 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। छोटे-बड़े सैकड़ों वाहन जाम में फंस गए। रात के अंधेरे में घाटी में फंसे यात्रियों के लिए स्थिति और भी मुश्किल हो गई।
एसपी के निर्देश पर तुरंत सक्रिय हुई रामगढ़ पुलिस
हादसे की सूचना मिलते ही रामगढ़ जिला पुलिस कप्तान मुकेश कुमार लुणायत के निर्देश पर रामगढ़ थाना पुलिस तत्काल सक्रिय हुई। रामगढ़ थाना प्रभारी गजेंद्र पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। रामगढ़ एसडीपीओ आलोक रंजन की निगरानी में पुलिस और रेस्क्यू टीम ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
पुलिस टीम ने सबसे पहले घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने और उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। गंभीर रूप से घायल बाइक सवार सुशील कुमार सिंह को रामगढ़ सदर अस्पताल भेजा गया। बस और कार में सवार कई यात्रियों को भी चोटें आईं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस की सक्रियता के कारण दुर्घटना के बाद पैदा हुई स्थिति को नियंत्रित करने में काफी मदद मिली। क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाने की कार्रवाई शुरू की गई और एक लेन से धीरे-धीरे वाहनों का परिचालन बहाल कराने का प्रयास किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई हादसे की खौफनाक कहानी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अनियंत्रित हाइवा ने सबसे पहले गड़के मोड़ के समीप एक बाइक को टक्कर मारी। इसके बाद हाइवा ने एक कार को पीछे से जोरदार टक्कर मारी और फिर कई अन्य वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में एक बाइक, दो कार, एक ट्रक और एक यात्री बस समेत कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ समय के लिए पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सड़क पर वाहनों के क्षतिग्रस्त हिस्से और मलबा फैल गया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
सड़क पर फैला डीजल, फिर मंडराने लगा बड़े हादसे का खतरा
हादसे के बाद यात्री बस का डीजल सड़क पर फैल गया। इससे मौके पर मौजूद लोगों और वाहन चालकों में दहशत का माहौल बन गया। चुटूपालू घाटी का पुराना इतिहास भी लोगों के जेहन में ताजा हो गया, जहां पूर्व में डीजल फैलने के बाद आग लगने की घटना में कई लोगों की जान चली गई थी।
ऐसे में पुलिस और रेस्क्यू टीम ने दुर्घटनास्थल को सुरक्षित करने के साथ वाहनों को हटाने और यातायात सामान्य करने पर जोर दिया।
करोड़ों की सड़क, लेकिन रात में अंधेरे की चादर
चुटूपालू घाटी में एक बार फिर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की पोल खुल गई। घाटी में बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइट लगाए जाने के बावजूद हादसे के दौरान पर्याप्त रोशनी उपलब्ध नहीं होने से राहत और बचाव कार्य में पुलिस तथा रेस्क्यू टीम को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जाम में फंसे वाहन चालकों और यात्रियों को भी अंधेरे के कारण काफी दिक्कत हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटी में लगाए गए कई स्ट्रीट लाइट लंबे समय से बंद पड़े हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब सड़क सुरक्षा के नाम पर स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं, तो उनका नियमित रखरखाव और संचालन क्यों नहीं हो रहा है।
अंधेरे में राहत कार्य ने बढ़ाई पुलिस की चुनौती
रात के समय चुटूपालू घाटी जैसी संवेदनशील सड़क पर दुर्घटना के बाद पर्याप्त रोशनी का होना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। लेकिन शुक्रवार की रात दुर्घटना के बाद बंद स्ट्रीट लाइटों के कारण पुलिस और रेस्क्यू टीम को अंधेरे में राहत कार्य करना पड़ा।
एक ओर क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने की चुनौती थी, तो दूसरी ओर जाम में फंसे हजारों यात्रियों और वाहनों को सुरक्षित निकालना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी रही। भारी सामान लदे वाहनों को सड़क से हटाने में भी टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
एक बार फिर सामने आया चुटूपालू घाटी की सुरक्षा का सवाल
चुटूपालू घाटी में लगातार होने वाली दुर्घटनाओं के बीच शुक्रवार की घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज रफ्तार भारी वाहनों, घाटी की भौगोलिक स्थिति और रात में पर्याप्त रोशनी की कमी के बीच यहां दुर्घटना होने पर स्थिति तेजी से गंभीर हो जाती है।
शुक्रवार की घटना में समय रहते पुलिस के पहुंचने और राहत-बचाव कार्य शुरू करने से हालात को और बिगड़ने से रोकने में मदद मिली। एसपी मुकेश कुमार लुणायत के त्वरित निर्देश और रामगढ़ थाना पुलिस की सक्रियता इस पूरी घटना के दौरान प्रमुख रूप से सामने आई। पुलिस टीम ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने से लेकर क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने और यातायात बहाल कराने तक लगातार काम किया।
अब जरूरत इस बात की है कि दुर्घटना के बाद तत्काल राहत के साथ-साथ चुटूपालू घाटी में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में किसी हादसे के दौरान अंधेरा राहत-बचाव कार्य में बाधा न बने।
25
Share This Article
Leave a review

Leave a review

Your email address will not be published. Required fields are marked *