Live News 24×7 के लिए कैलाश गुप्ता।
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण की जिला शिक्षा पदाधिकारी का कार्यालय एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
विगत माह पूर्व एक कनीय लिपिक सन्नी सुमन ने डीईओ राजन कुमार गिरी सहित प्रधान लिपिक व अन्य के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विभाग के मंत्री व वरीय अधिकारियों सहित मुख्यमंत्री तक पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई थी जो कई दिनों तक काफी सुर्खियों में रही थी।
आज पुनः प्रधान लिपिक के विरुद्ध जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के कई वरीय लिपिकों ने संयुक्त रूप से अपना अपना हस्ताक्षरयुक्त आवेदन क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक तिरहुत प्रमंडल मुजफ्फपुर को हस्तगत कराते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
दिए गए आवेदन में लिपिकों द्वारा प्रधान लिपिक श्री रविकांत सहित प्रमंडल के कई अन्य लिपिकों पर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि इनके द्वारा गलत ढंग से सेवा पुस्तिका पर विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण होने की प्रविष्टि की गई है।
लिपिकों ने क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक से मांग किया है कि गलत तरीके से प्रोन्नति लेने वाले लिपिकों को चिन्हित कर इनके प्रोन्नति को रद्द करते हुए इनके विरुद्ध दण्डनात्मक कार्रवाई तथा प्राथमिकी दर्ज कराकर विभागीय कार्रवाई किया जाय।
गौरतलब हो कि विगत दिनों जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरी के द्वारा जिला में कार्यरत लिपिकों के बीच कार्यों का बटवारा किया है, जिसमें HRMS-CFMS सहित स्थापना शाखा के लगभग सभी महत्वपूर्ण संचिकाओं में यथा चेकर-मेकर सहित ऑल फ़ाइल तथा पूर्व से नियोजन, नियुक्ति, स्थानांतरण, पेंशन, अनुकम्पा, प्रमोशन, आरोप, निलंबन, संवेदक भुगतान तथा शिक्षकों का सभी प्रकार का भुगतान कार्य व अन्य में स्थापना शाखा का सभी कार्य आदि का प्रभार राजीव रंजन कुमार को दिया गया है।
वही कई वरीय व अनुभवी लिपिकों को माध्यमिक व साक्षरता तथा लेखा-योजना संभाग में भेज दिया गया है जहां कार्यों की संख्या लगभग शून्य होती है।
मजे की बात तो यह है श्री राजीव की नियुक्ति 03 दिसम्बर 1998 को हुई है तब से बार बार मोतिहारी में ही पदस्थापित रहते है, इनका जब भी स्थानांरतरण होता है तो ये पुनः इनके द्वारा स्थानांरतरण/प्रतिनियुक्ति अपनी गंभीर बीमारी का कारण बताकर करा लिया जाता है।
इनके अनुसार ये कई गंभीर रोगों से ग्रस्त है, फिर भी जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा इनके रोंगो को नजरअंदाज कर कई महत्वपूर्ण संचिकाओं का प्रभार दे दिया गया है।
एक तरफ कहा जा रहा है कि श्री राजीव को संचिकाओं के बोझ तले दबा कर इनके साथ जहाँ अत्याचार किया गया है वही दर्जनों वरीय व अनुभवी लिपिक बैठकर वेतन ले रहे है, साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि दर्जनों डाटा ऑपरेटर कार्यरत है, इसके बावजूद कई चहेते शिक्षक HRMS (वेतन संभाग) सहित परीक्षा कार्यों का संचालन जैसे महत्वपूर्ण कार्य कर रहे है।
बावजूद दीपावली-छठ जैसे महापर्व के अवसर पर भी शिक्षकों का वेतन भुगतान पूर्ण नही हो सका और जिला शिक्षा पदाधिकारी को विभागीय कोप-भाजन का शिकार होना पड़ा।
बहराल अब देखना यह है कि क्या जिला शिक्षा पदाधिकारी लिपिकों को बैठाकर ही वेतन देंगे या श्री राजीव को संचिकाओं के बोझ को कम करेंगे और क्या क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक गलत तरीके से लिये गए प्रोन्नति वाले लिपिकों के विरुद्ध कार्रवाई करेंगे………
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