मुजफ्फरपुर। शारदीय नवरात्र को लेकर इस बार भक्तों में खासा उत्साह है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस वर्ष माता दुर्गा का आगमन हाथी (गज) पर हो रहा है, जिसे अत्यधिक वर्षा, सुख-समृद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है। महालया के बाद से ही उत्सव का माहौल शुरू हो जाएगा। इस बार तिथियों में किसी भी प्रकार का कोई भ्रम नहीं है, जिससे पूजा-अर्चना पूरे नियम-निष्ठा के साथ संपन्न होगी।
11 अक्टूबर रविवार से नवरात्र की शुरुआत होगी। इसी दिन कलश स्थापना एवं मां शैलपुत्री पूजन किया जाएगा। इसके लिए प्रातः 7:03 बजे से सूर्यास्त तक का समय शुभ बताया गया है। प्रथम मुहूर्त प्रातः 6:31 बजे से पूर्वाह्न 11 बजे तक रहेगा। वहीं विशेष अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:35 से 12:23 बजे तक रहेगा।
12 अक्टूबर सोमवार को मां ब्रह्मचारिणी, 13 अक्टूबर मंगलवार को मां चंद्रघंटा, 14 अक्टूबर बुधवार को मां कूष्मांडा, 15 अक्टूबर गुरुवार को मां स्कंदमाता और 16 अक्टूबर शुक्रवार को मां कात्यायनी की पूजा होगी। 16 अक्टूबर को अपराह्न दो बजे से शाम छह बजे तक बिल्वाभिमंत्रण पूजन का समय बताया गया है।
17