बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को लागू कराने की जिम्मेदारी जिन कंधों पर है, वही अब कानून की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं। ताजा मामला उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा से सटे जिले का है, जहाँ एक पुलिस अधिकारी (दारोगा) की शराब के साथ तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। आरोप है कि वर्दीधारी ने पहले यूपी की सीमा में जाकर शराब खरीदी और फिर बिहार में आकर बेखौफ होकर जाम छलकाया। इस घटना ने बिहार पुलिस की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और मुख्यालय ने मामले का कड़ा संज्ञान लिया है।
वायरल फोटो का सच: दुकान से जाम तक का सफर
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पुलिस अधिकारी नागरिक कपड़ों में उत्तर प्रदेश के एक शराब ठेके पर मौजूद हैं।
खरीददारी की तस्वीर: पहली तस्वीर में दारोगा जी यूपी की एक दुकान से शराब की बोतलें खरीदते दिख रहे हैं।
पार्टी मोड: दूसरी तस्वीर में वे अपने कुछ परिचितों के साथ मेज पर शराब की बोतलें खोलकर बैठे हैं और जाम का आनंद ले रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह पार्टी बिहार की सीमा के भीतर किसी गुप्त स्थान पर आयोजित की गई थी।
शराबबंदी कानून का खुला उल्लंघन
बिहार में अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बार-बार पुलिस अधिकारियों को सख्त हिदायत देते रहे हैं कि शराबबंदी में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीमा पार का खेल: यूपी और बिहार की सीमा पर अक्सर पुलिस की मिलीभगत से शराब की तस्करी की खबरें आती रहती हैं, लेकिन एक अधिकारी का खुद इस तरह संलिप्त होना विभाग के लिए शर्मिंदगी का सबब बन गया है।
विश्वसनीयता पर संकट: जब कानून के रखवाले ही शराब का सेवन करेंगे, तो जनता के बीच क्या संदेश जाएगा? स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है।
विभाग की कार्रवाई: सस्पेंशन की तैयारी
तस्वीरें वायरल होने के बाद जिले के पुलिस कप्तान (SP) ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
जांच कमेटी: एक विशेष टीम गठित की गई है जो वायरल फोटो की सत्यता और उस स्थान की जांच कर रही है जहाँ यह पार्टी हुई थी।
कड़ी सजा का प्रावधान: बिहार में शराबबंदी कानून के तहत अगर कोई सरकारी कर्मचारी शराब पीते या बेचते पकड़ा जाता है, तो उसे सेवा से बर्खास्त करने तक का प्रावधान है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी दारोगा को जल्द ही निलंबित (Suspend) किया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर ‘डिजिटल स्ट्राइक’
बिहार पुलिस इन दिनों अपने ही महकमे के भीतर ‘काली भेड़ों’ को पहचानने के लिए सोशल मीडिया पर नजर रख रही है। यह मामला भी डिजिटल सतर्कता के कारण ही सामने आया है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए।
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