बीमा क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और लागत कम करने के लिए IRDAI ने ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। मार्च 2026 में जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, बीमा कंपनियों के परिचालन खर्चों (Expenses of Management) और ऊंचे एजेंट कमीशन में कटौती की जा रही है, जिसका सीधा फायदा ग्राहकों को कम प्रीमियम के रूप में मिलेगा।
1. ऊंचे एजेंट कमीशन पर रोक (Scrapping High Commissions)
IRDAI ने जीवन बीमा एजेंटों को मिलने वाले भारी-भरकम ‘अपफ्रंट कमीशन’ (Upfront Commission) को खत्म करने का प्रस्ताव दिया है।
नया नियम: अब एजेंटों का कमीशन पॉलिसी की पूरी अवधि के दौरान ‘ट्रेल कमीशन’ (Trail Commission) के रूप में फैला दिया जाएगा।
फायदा: इससे बीमा कंपनियों की मार्केटिंग और एक्विजिशन लागत घटेगी, जिससे वे ग्राहकों को कम कीमत पर पॉलिसी ऑफर कर सकेंगी।
2. ‘एक्सपेंस ऑफ मैनेजमेंट’ (EoM) में कटौती
नियामक ने कंपनियों के प्रशासनिक और प्रबंधन खर्चों पर सख्त सीमाएं तय की हैं। कंपनियों को अब अपनी कार्यक्षमता बढ़ानी होगी और फालतू खर्चों में कटौती करनी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से बीमा प्रीमियम में 10% से 20% तक की गिरावट आ सकती है।
3. डिजिटल और ‘पे एज यू ड्राइव’ पॉलिसी का लाभ
डायरेक्ट प्लान्स: सीधे वेबसाइट या ऐप से बीमा खरीदने पर एजेंट कमीशन का हिस्सा बचता है, जिससे प्रीमियम पहले ही सस्ता हो गया है।
कस्टमाइजेशन: मोटर इंश्योरेंस में ‘पे एज यू ड्राइव’ (Pay as You Drive) जैसे मॉडल अब पूरी तरह लागू हो रहे हैं। यानी अगर आप गाड़ी कम चलाते हैं, तो आपको प्रीमियम भी कम देना होगा।
4. स्वास्थ्य बीमा में ऐतिहासिक बदलाव (Health Insurance Update)
उम्र की कोई सीमा नहीं: अब 65 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति भी नई हेल्थ पॉलिसी खरीद सकते हैं।
वेटिंग पीरियड में कमी: पहले से मौजूद बीमारियों (Pre-existing diseases) के लिए वेटिंग पीरियड को 4 साल से घटाकर 3 साल कर दिया गया है।
तेजी से क्लेम सेटलमेंट: कैशलेस क्लेम को अब 1 घंटे के भीतर मंजूरी देना अनिवार्य है, जिससे अस्पताल में भर्ती होने की प्रक्रिया सुगम हो गई है।
5. ‘एनीव्हेयर कैशलेस’ (Anywhere Cashless) की सुविधा
अब पॉलिसीधारक किसी भी अस्पताल में कैशलेस इलाज करा सकते हैं, चाहे वह अस्पताल बीमा कंपनी के नेटवर्क में हो या नहीं। इस बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने भी कंपनियों को अपने प्रीमियम रेट्स कम करने पर मजबूर किया है।
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