वीडियो-एल्बम ‘तनहाई’ तथा नाट्य-पुस्तक- ‘रंगरूपा कोशा’ का लोकार्पण

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पटना : नाटककार जाने-माने कवि/गीतकार मधुरेश नारायण के वीडियो एल्बम ‘तनहाई’ तथा वरिष्ठ लेखक और डॉ किशोर सिन्हा की नाट्य-पुस्तक- ‘रंगरूपा कोशा’ का लोकार्पण-सह-कवि सम्मेलन, ए एन कॉलेज, पटना में फिल्म और संस्कृति को समर्पित संस्था ‘मुग्धाभि सिने प्रोडक्शन’ (R) के तत्वावधान में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री भगवती प्रसाद द्विवेदी ने की और मुख्य अतिथि के तौर पर वरिष्ठ लेखक / नाटककार डॉ नरेन्द्रनाथ पांडेय ने शिरकत की। इनके अतिरिक्त डॉ किरण घई, पूर्व सदस्य, बिहार विधान परिषद, शिक्षाविद् अनीता राकेश, श्री बी के जैन, अन्तर्राष्ट्रीय छायाकार, प्रो. डॉ नरेन्द्र कुमार, प्राध्यापक, अंग्रेज़ी विभाग, ‘रंगरूपा कोशा’ नाटक के लेखक डॉ किशोर सिन्हा और वीडियो एल्बम ‘तनहाई’ के गीतकार-गायक मधुरेश नारायण सहित अनेक गणमान्य साहित्यकारों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन संगीत और संस्कृत की विदुषी नम्रता कुमारी ने किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नरेन्द्र नाथ पांडेय, लेखक/नाट्यकार ने संगीत वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मैं मधुरेश नारायण को नाट्य-संस्था के अध्यक्ष के रूप में जानता था। आज इस वीडियो को देखकर लगा कि बैंकिंग सेवा में रहते हुए इनकी साहित्य-सेवा और गीत-संगीत के प्रति अनुराग बहुत सराहनीय एवं दूसरे सेवानिवृत्त लोगों के लिए प्रेरणादायक है। विशिष्ट अतिथि श्री बी. के. जैन, अंतर्राष्ट्रीय छायाकार ने कहा कि गीत लिखना, स्वरबद्ध करना एवं गाना इनकी बहुमुखी प्रतिभा की परिचायक है।
डॉ. किशोर सिन्हा की नाट्य-रचना ‘कोशा’ पर अपने विचार रखते हुए देश के जाने-माने कवि-कथाकार श्री भगवती प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि किशोर जी साहित्य की हर विधा के जानकार एवं स्थापित हस्ताक्षर हैं। बिहार विधान परिषद की पूर्व सदस्य, श्रीमती किरण घई ने डॉ किशोर सिन्हा को साहित्य और रंगकर्म के क्षेत्र में एक कल्पनाशील और क्रियाशील व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि ये कृति हमें इतिहास के अनछुए पृष्ठों से परिचित कराती है। डॉ. अनिता राकेश, शिक्षाविद ने ‘कोशा’ पुस्तक पर विचार रखते हुए कहा कि नाटक की इनकी पहले भी कई पुस्तकें आ चुकी हैं।
इनके अलावा प्रो. नरेन्द्र कुमार, प्राध्यापक, अंग्रेजी विभाग, ए. एन. कॉलेज के अलावा, समाज और साहित्य के अनेक गणमान्य विद्वानों एवं विदुषियों- सर्व श्री आनंद बिहारी प्रसाद, प्रो. अनिल प्रसाद, नीलांशु रंजन, अभय सिन्हा, आराधना प्रसाद, सीमा रानी, कविता राज, विभा रानी श्रीवास्तव, बेंगलुरु से पधारी कंचन अपाराजिता, शुभचन्द्र सिन्हा, सुनील कुमार, रवि कुमार गुप्ता ने भी अपने विचार रखे।
समारोह के अंत में भव्य कवि सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें कवियों / कवयित्रियों ने एक से बढ़कर एक कविता और गज़लों का पाठ किया। मंच संचालन रवि श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ रंगकर्मी नीलेश्वर मिश्र द्वारा किया गया।
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