बिहार के मुजफ्फरमुर में एक ही परिवार के चार लोगों की आत्महत्या के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. अगर जरा सी भी देर होती तो दो जानें और भी जा सकती थीं. दरअसल, परिवार के मुखिया अमरनाथ ने 6 फंदे तैयार कर रखे थे. सोमवार अल सुबह उसने अपने पांचों बच्चों को उठाया. वो उन्हें फंदों के पास लेकर गया. खुद उनके गले में फंदे फंसाए. फिर अपनी गर्दन में भी फंदा फंसाकर कहा- हम सभी को मरना है.
तीन बेटियों राधा कुमारी (11), राधिका (9) और शिवानी (7) ने पिता की बात मानी और फंदे से झूल गईं. वहीं, बेटे शिवम का गला जब घुटने लगा तो उसने फंदा किसी तरह गले से निकाल दिया. तुरंत भाई चंदन के गले से भी फंदे को हटा दिया. इससे दोनों भाईयों की जान बच गई. मगर, तीनों बहनों और पिता की जान तब तक जा चुकी थी. दोनों मासूमों को इसका इल्म नहीं था. वो शोर मचाते हुए घर से बाहर निकले. तुरंत पिता के चाचा के घर पहुंचे.
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