Live News 24×7 में लिए मोतिहारी से कैलाश गुप्ता।
जब एक प्रखंड के कार्यों से फुर्सत नही मिलती है तो दूसरा और तीसरा अतिरिक्त प्रखड़ों का प्रभार लेने की क्या आवश्यकता है?
जिस अधिकारी से सरकारी मोबाइल भी नही संभलती हो तो क्या उस अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार लेना-देना नियमानुकूल है?
जी हां हम बात करते है जिला मुख्यालय मोतिहारी के प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सरोज कुमार सिंह का, जो जिले के चिरैया प्रखंड में पदस्थापित है और हमेशा किसी न किसी प्रखंड के अतिरिक्त प्रभार लेने में माहिर माने जाते है।
इनसे जब सरकारी मोबाइल जो विभाग द्वारा सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को मुहैया कराया गया है वह नही संभलती है तो इन्हें अतिरिक्त प्रखड़ों का अतिरिक्त प्रभार लेने का क्या औचित्य है।
आज वर्तमान में ये तीन प्रखंड यानि चिरैया के अतिरिक्त मोतिहारी और पीपराकोठी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के प्रभारी के पद पर प्रतिनियुक्त है। इसके पूर्व ये पताही प्रखंड के भी अतिरिक्त प्रभार में रहे है।
गौरतलब हो कि इनकी मोतिहारी प्रखंड की सरकारी मोबाइल 8544411281 हमेशा किसी अन्य के पास ही रहती है। आज मेरे द्वारा दो-पहर लगभग 12.45 बजे वार्ता करने का प्रयास किया गया तो किसी के द्वारा फोन रिसीव नही किया गया और लगभग 1.4 बजे इनके पत्नी के द्वारा उक्त नंबर से मुझे फोन कर बताया गया कि यह फोन घर पर ही रहता है आप दूसरे नंबर पर बात कर लीजिए?
इसी प्रकार पूर्व में भी एक बार यह सरकारी फोन कथित लेखापाल रवि पाठक के द्वारा रिसीव किया गया था जिनके द्वारा बताया गया था कि यह फोन मेरे पास ही रहता है और उन्होंने यह भी बताया था कि मैं विगत तीन वर्षों से मोतिहारी बीआरसी में लेखापाल के पद पर कार्यरत हूँ, जबकि वे मोतिहारी कस्तूरबा के लेखापाल है (इनके विरुद्ध पूर्व में कार्रवाई भी हुई है और मोतिहारी कस्तूरबा में लगभग 7 लाख रुपये के गबन आदि का मामला भी लंबित है) और इन्हें मार्च 2025 से ही पीपराकोठी कस्तूरबा में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया था जो विरमित नही किये गए थे।
विदित हो कि समावेशी शिक्षा अंतर्गत विभागीय निदेशानुसार जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सम्रग शिक्षा पूर्वी चंपारण के पत्रांक 2777 दिनांक 08.09.25 के अनुसार 40-40 शिक्षकों का एक बैचवार तीन दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण किसी-किसी प्रखंड में दो बैच तो किसी-किसी प्रखंड में तीन बैच का प्रशिक्षण दिनांक 15 सितम्बर से 26 सितम्बर 25 तक कराकर उसका छायांकन सहित व्यय विवरणी आदि जिला कार्यालय को समर्पित करना था।
उक्त के सम्बंध में ही मेरे द्वारा जानकारी लेने के लिए मोतिहारी के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी श्री सिंह से वार्ता हेतु फोन किया गया था।
वही श्री सिंह के निजी मोबाईल नंबर पर हुई वार्ता में इन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मेरे क्षेत्र में प्रशिक्षण नही हुआ है। इससे भी यह स्पष्ट होता है कि इनके द्वारा विभागीय आदेश का अनुपालन नही किया जाता है।
वही इनसे पूर्व में लेखापाल श्री पाठक के विरमित होने के बावजूद मोतिहारी बीआरसी में कार्य करने के सम्बंध में हुई वार्ता में इनके द्वारा बताया गया था कि पीपराकोठी बीआरसी के संचिकाओं को मोतिहारी बीआरसी में मंगावाकर संपादित कराया जाता है।
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