रेलवे इंप्लाइज के 9 जुलाई को होने वाले बड़े आंदोलन हेतु जागरूकता अभियान पर रेल कर्मी

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  • ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे इम्प्लांइज यूनियन क़े द्वारा  09 जुलाई क़े आंदोलन हेतु  रैली और जागरूकता अभियान चलाया गया। 
मोतिहारी : नई श्रम नीति को केंद्र  सरकार मजदूरों क़े हित में वापस ले : रत्नेश वर्मा
 ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे इम्प्लाईज युनियन निबंधन संख्या -4065  क़े द्वारा दिनांक :-9 जुलाई क़ो भारत क़े सभी ट्रेड यूनियनों  द्वारा नई श्रम नीति क़े विरोध स्वरूप किए जा रहे देशब्यापी आम हड़ताल क़े समर्थन में किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों धरना – प्रदर्शन, साँकेतिक आंदोलन, काली पट्टी लगाकर ड्यूटी करने,आदि क़ो लेकर सेक्शन क़े सभी रेलकर्मियों क़े बीच रैली एवं जागरूकता अभियान चलाया गया। जागरूकता रैली स्थानीय रामगढ़वा रेलवे स्टेशन क़े नजदीक ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे इम्प्लाईज युनियन क़े केंद्रीय /जोनल जॉइंट सेक्रेटरी श्री रत्नेश वर्मा क़े नेतृत्व मे आरम्भ हुआ । रत्नेश वर्मा ने  कहा कि आज मजदूरों कि स्थिति बहुत हीं दयनीय है। कई ठेका मजदूरों क़ो न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिल पा रहा है। रेल कर्मचारियों पर जबरदस्ती निजीकरण / निगमीकरण थोपा जा रहा है। 55/30 क़े सर्विस रिव्यू की पॉलिसी बनाई गयी है।सरकार क़े द्वारा पहले NPS और अब UPS थोपा गया है। 29 श्रम संहिताओं क़ो हटाकर केवल 04 चार लेबर कोड लाकर केंद्र सरकार मजदूरों क़े हितों पर कुठाराघात कऱ रही हैं।उन्होंने केंद्र सरकार से मजदूरों क़े हित में नई श्रम नीति क़ो वापस लेने क़ी मांग क़ी। सभा में सरकार क़ी मजदूर विरोधी नीतियों क़े विरोध मे खूब नारेवाजी कि गयी। ECREU क़े केंद्रीय / जोनल जॉइंट सेक्रेटरी श्री रत्नेश वर्मा ने NPS – UPS को हटाकरO. P. S. लागु करने कि मांग सरकार से की।उनके द्वारा बताया गया कि दिनांक :- 09 जुलाई 2025 क़ो ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे इम्प्लांइज यूनियन क़े द्वारा पुरे ECR जोन मे नई श्रम नीति, निजीकरण / निगमीकरण, NPS/UPS, 55/30 क़े सर्विस रिव्यू, 14/2 काला क़ानून, सिग्नल विभाग में चल रहे चौबीसों घंटे की बन्धुआ मजदुरी, महिलाओं क़ो जबरदस्ती नाइट ड्यूटी में भेजनें क़े विरुद्ध आंदोलन, धरना – प्रदर्शन, विरोध -प्रदर्शन आदि कार्यक्रम किया जायेगा । रैली क़ो सम्बोधित करते हुए ECREU दरभंगा शाखा क़े अध्यक्ष श्री लालबाबू  पासवान ने कहा क़ी हमें एकमात्र पुरानी पेंशन प्रणाली यानि O. P. S. से कम कुछ भी मंजूर नहीं हैं। पुरे देश कि पेंशन प्रणाली एक हीं होनी चाहिए। आगे जोनल संयुक्त सचिव श्री रत्नेश वर्मा ने बताया कि पूंजीवाद और उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए चार नए श्रम कानून का गठन किया गया है। देश क़े 29 श्रम कानून संहिताओं को बदलकर चार नए श्रम कानून बना दिए गए हैं। देश कि सरकार पार्ट पार्ट मे रेलवे को निजीकरण क़े तरफ धकेल रही हैं। 1924 से लागु रेल बजट को आनन फानन मे 2016 मे पूरी तरह से बंद कर दिया गया।  NPS/UPS देश हित और कर्मचारी हित में नहीं है।इस कार्यक्रम में  नई श्रम निती, NPS / UPS ऑप्शन पर जागरूकता , रेलवे कर्मचारी को मिलने वाली सुविधाओं सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। दरभंगा शाखा सचिव श्री राकेश पासवान ने कहा कि रेलवे मे कर्मचारियों कि भारी कमी हैं। रेलकर्मी पर अत्यधिक कार्य का बोझ हैं, जिसक़े चलते हीं कर्मिगण लगातार रन -ओवर भी हो रहे हैं। रेल – लाइन पर कार्य करनेवाले सभी रेलकर्मी को जीवन रक्षक यन्त्र दिया जाना चाहिए तथा एक करोड़ क़े जीवन बीमा का प्रावधान हो।पॉइंट्स मैन, गेटमैंन 12 घंटे, सिग्नल आर्टिज़न स्टॉफ 24 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं। ड्यूटी रोस्टर हीं नहीं हैं। BOS क़े अनुसार रेलकर्मियों कि भर्ती होनी चाहिए। इस कार्यक्रम में उपस्थित कर्मचारियों मे श्री रत्नेश वर्मा,श्री संजय कुमार, श्री रवि रौशन कुमार , श्री संनोज कुमार, श्री रामनाथ राम, श्री मनीष कुमार, श्री सोनालाल कुमार, श्री सुरेंद्र राम ,श्री रंजन कुमार, श्री राजकिशोर कुमार, श्री हरिओम कुमार , श्री अंगद कुमार सिंह , श्री शत्रुघ्न शाह , श्री प्रणव कुमार, श्री दीपक कुमार , श्री प्रभात कुमार,श्री मनोज कुमार , श्री भरत बैठा, श्री गणेश यादव , श्री राकेश पासवान , श्री शिवम् कुमार, श्री साजन कुमार, मो • शेराजुल अंसारी,  श्री मनीष कुमार, श्री जैन्त कुमार राम, श्री कृष्णा कुमार, श्री लालबाबू पासवान, मो • अब्दुल्लाह कादरी आदि प्रमुख थे
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