अशोक वर्मा
माउंट आबू,राजस्थान : ब्रह्माकुमारीज अंतरराष्ट्रीय मुख्य प्रशासिका दादी रतनमोहिनी की 101 वा जन्म दिन बडे ही आत्मिक भाव एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ।समारोह मे विभिन्न राज्यों से आये कलाकारो ने उनके सम्मान मे एक से बढकर एक रंगारंग कार्यक्रमो की प्रस्तुती दी।डायमंड हाल के मुख्य द्वार को बडे ही आकर्षक ढंग से सजाया गया था।मंच संचालन करते हुये बीके डाक्टर सरीता दीदी ने दादी रतनमोहिनी जी के सेवा कार्यो पर विस्तार से बताया।ज्ञान सरोवर की निर्देशिका राजयोगिनी बीके सुदेश दीदी ने कहा कि आज का दिन हृदय से सम्मान देने का दिन है।सागर की लहर की तरह हृदय से आनंद और बधाई के उची लहरे उठ रही है।उन्होने कहा कि दादी जी आदी रत्न है।ये सरस्वती की प्रति मूर्ति और ज्ञान स्वरूपा है।ये अपने साइलेंस की शक्ति से वायलेंस को समाप्त करनेवाली विशेष शक्ति रूपा है।सभी मे हमेशा उमंग उत्साह भरती रही है।समारोह मे दादी जी के सम्मान मे कई गीत नृत्य प्रस्तुत किये गये।दादी जी को मुकूट, माला पहनाकर,तथा चुनरी ओढाकर सजाया गया।गुजरात सेवाकेंद्र के भाई बहनो द्वारा 101 प्रकार के उपहार एवं भोग सामग्री भेट की गई।गुजरात के कलाकारो ने गुजरात की महिमा आधारित झांकी युक्त सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया ।मंच पर गाधी,पटेल, अडानी , अंबानी एवं कई अन्य को दिखाया गया ।सभी महापुरुषो को झांकी मे बिलकुल स्वाभाविक स्वरूप मे दर्शाया गया। कलाकारो मे उडीसा के नाट्य कला केन्द्र के कलाकार,आन्ध्र प्रदेश की दिक्षित,मधुबन मधुर ग्रूप के कलाकार ,निखिल राज,धनबाद की कुमारी शीतल के अलावे निशीता मंच पर छाई रही।संबोधन मे बीके मृत्युंजय भाई ने जन्म दिन की बधाई पर कहा कि दादी जी ने हमेशा ही सभी को एकता के सूत्र मे बाधे रखा।ब्राह्मणी एवं सेवाधारी बीके लीला बहन की प्रशंसा भी उन्होने की।कार्यक्रम मे बीके सूरज भाई,बीके आशा दीदी,डाक्टर बनारसी भाई, डाक्टर सतीश गुप्ता के अलावा सभी वरिष्ठ भाई बहने ,मधुबन निवासी एवं देश के कोने कोने से भाई बहन शामिल हुये ।
