- जनजागरूकता के साथ हाथीपाँव से बचाव के लिए खिलाई जाएगी सर्वजन दवा- डॉ चंद्रा
- निगरानी हेतु जिला स्तर पर रैपिड रेस्पोंस टीम लगाई जाएगी
बेतिया। फाइलेरिया मुक्त अभियान के सफल संचालन हेतु बेतिया के एक निजी सभागार में अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रमेश चंद्रा की अध्यक्षता में स्वास्थ्यकर्मियों का जिलास्तरीय प्रशिक्षण कराया गया। मौके पर डॉ चंद्रा ने कहा की चिकित्सा पदाधिकारी, बीसीएम/भीबीडीएस/प्रत्येक पीएचसी के एमओ का प्रशिक्षण (टीओटी) कराया जा रहा है ताकि 10 फ़रवरी से सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम को सफल बनाया जा सकें। उन्होंने बताया की स्वास्थ्यकर्मियों को माइक्रोप्लान बनाने, स्वीकृति एप्प पर एमडीए राउंड के दौरान प्रतिदिन का डाटा अपलोड करने एवं मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया। डब्लूएचओ के ज़ोनल कोऑर्डिनेटर डॉ माधुरी देवराजू ने कहा
10 फरवरी से 17 दिनों के लिए कार्यक्रम चलाया जायेगा। पहले 14 दिन स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर दवा खिलाएंगे उसके बाद तीन दिन स्कूलों, जेल, कॉलेज और अन्य भीड़ भाड़ वाले जगहों पर बूथ लगाकर दवा खिलाई जाएगी। इस दौरान आशा व अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करते हुए अपने सामने दवा खिलाएगी। प्रतिदिन कितनी दवा खिलाई गई, इसकी रिपोर्ट प्रतिदिन विभाग को दी जाएगी। सभी कार्यकलाप रजिस्टर में लिखित दर्ज की जाएगी। इसके बाद अधिकारियों द्वारा मॉनिटरिंग की जाएगी। लोगों को अगर सर्वजन दवा से दुष्प्रभाव होता है तो उससे बचाव के लिए रैपिड रेस्पोंस टीम लगाई जाएगी। डॉ रमेश चंद्रा ने बताया कि फाइलेरिया से बचाव को 2 से 5 वर्ष के बच्चों को डीईसी की 1 गोली और एल्बेंडाजोल की 1 गोली, 6 से 14 वर्ष के बच्चों को डीईसी की 2 गोली व एल्बेंडाजोल की 1 गोली तथा 15 वर्ष से ऊपर के लोगों को डीईसी की 3 गोली व एल्बेंडाजोल की 1 गोली आशा कार्यकर्ताओं द्वारा अपने सामने खिलाई जाएगी। खाली पेट दवा का सेवन नहीं करना है। एल्बेंडाजोल की गोली को पानी के साथ चबाकर खानी है। इस बात का ध्यान रखें कि 2 वर्ष से छोटे बच्चे, गम्भीर रूप से बीमार लोग तथा गर्भवती महिलाओं को एमडीए की दवा नहीं खिलाई जाएगी।
फाइलेरिया मच्छरों के काटने से होता है:
डीभीबीडीसीओ डॉ नवल किशोऱ एवं भीडीसीओ प्रशांत कुमार ने बताया की फाइलेरिया को हाथीपाँव रोग के नाम से भी जाना जाता है। इससे ग्रसित हो जाने पर मानव शरीर के अंगों में सूजन आ जाती है, जो संक्रमित क्यूलेस नामक मच्छर के काटने से फैलता है। इस रोग से बचने के लिए सरकार द्वारा खिलाई जा रही निःशुल्क दवा का सेवन अनिवार्य है। उन्होंने बताया की नाईट ब्लड सर्वें के दौरान जाँच में 92 लोग पॉजिटिव पाए गए। जिले में 4 हजार 682 लोग फाइलेरिया रोग से ग्रसित है।
मौके पर डीभीडीसीओ डॉ नवल किशोर, भीडीसीओ रमेश मिश्रा, प्रशांत कुमार, गणेश कुमार गोप, सुशांत कुमार, पिरामल के राजू श्रीवास्तव, अब्दुल्लाह अंसारी, श्याम कुमार, सिफार के बिनोद श्रीवास्तव, मार्कण्डे दुबे व अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।
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