अशोक वर्मा
मोतिहारी : नगर के चैलाहा सरेह मे बना चाटी माई देवी स्थान के चारों तरफ लगने वाला मेला अब बड़ा रूप लेता जा रहा है ।लगभग 10 एकड़ क्षेत्रफल में अब मेला लग रहा है। सोनपुर मेला के समाप्ति के बाद लगने वाले इस मेले में सोनपुर से सीधे झूला, खेल तमाशा ,मौत का कुआं आदि आ जाता है,जिससे काफी लोगो का मनोरंजन होता है।एक माह तक चलने वाले मेले का शुभारंभ नए वर्ष के प्रथम दिन होता है। मेले में गांव एवं शहरों से लाखों लोग इस वर्ष उमड पड़े है।यद्यपि एक जनवरी का मौसम काफी ठंड का रहा बावजूद मेले में काफी लोग आए और मेले मे खरीदारी की।मेले के अंदर पारंपरिक खिलौने ,घरेलू उपयोग के सामान, मिष्ठान ,गंवई मिठाई की काफी दुकानें सजी हुई है। मेले में एक नई चीज देखने को मिली । पंडित एवं पंडे लोग काफी संख्या में मेले के चारों तरफ बिखरे पड़े थे। हाथों में चंदन रोड़ी टीका एवं राधे-राधे का मोनोग्राम लिए हुए थे ।मेला भ्रमण करने वाले सभी के भृकुटी के ऊपर टीका लगाकर उनसे दक्षिणा लेते थे। कुछ लोग देते भी थे कुछ लोग नहीं भी देते थे लेकिन मेले में आने वाले सभी लोगों का एक तरह से कपाल पर मोनोग्राम लग जाता था जो अन्य कहीं किसी मेले में नहीं दिखते। मेले के बीच में बने चाटी माई देवी स्थान जाकर सभी देवी की पूजा अर्चना कर चढ़ावा भी चढ़ाते थे।मेले मे लगे विभिन्न प्रकार के झूले एवं खेल सामग्री पर काफी भीड थी।देवी स्थान पर अष्टजाम चल रहा था।मेले मे महिलाये एवं बच्चे काफी थे।कडकडाते ठंड मे सभी जमकर गरमागरम जलेबी खरीद कर खा रहे थे।
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