मुजफ्फरपुर। जिले के औराई प्रखंड इलाके के भरथुआ गांव में चंपारण सत्याग्रह के महानायक पंडित राजकुमार शुक्ल की 149 वीं जयंती के अवसर पर आगामी 23 अगस्त को पटना के विद्यापति भवन में विशाल जयंती समारोह की तैयारी को लेकर महत्वपूर्ण बैठक की गई। जिसमें सर्वसम्मति से सैकड़ो की संख्या में उपस्थित होने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर रामलवलीन राय ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पं. राजकुमार शुक्ल चंपारण सत्याग्रह के महानायक थे जिन्होंने नील ब्रितानी अधिकारियों की बर्बरता पूर्ण अत्याचार को लेकर तिनकाठिया पद्धति के विरुद्ध बिगुल फूंका और स्वाधीनता संग्राम की बलि बेदी पर अपना सर्वस्व न्योछावर करते हुए विश्व के सबसे बड़े किसान आंदोलन में गांधी जी की भूमिका तय की और उन्हें राष्ट्रीय फलक पर महात्मा के रूप में स्थापित कर दिया ऐसे त्याग समर्पण और देश के महानायक को भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित करना कृतज्ञ देश का पहला कर्तव्य होना चाहिए । श्री भट्ट ने कहा कि केंद्र सरकार 2018 में राज्य सरकार द्वारा अनुशंसित भारत रत्न की मांग पर अब अविलंब विचार करें । पंडित राजकुमार शुक्ल बिहार के पश्चिमी चंपारण के सतबरिया गांव में ब्रह्म भट्ट ब्राह्मण समाज के एक कृषक परिवार में 23 अगस्त 1875 में अवतरित हुए थे। जिनके भगीरथ प्रयास से मोहनदास करमचंद गांधी का पहली बार चंपारण की धरती पर पदार्पण हुआ। और उनके नेतृत्व में विश्व के सबसे व्यापक कृषक आंदोलन के रूप में चंपारण सत्याग्रह में निलहों के संघर्ष को लेकर गांधी युग का सूत्रपात हुआ। वही, बैठक में उपस्थित बबन राय, धर्मेंद्र राय, रामलौलीन राय, समेत दर्जनों लोगों ने कहा की पंडित राजकुमार शुक्ला राष्ट्र के गौरव थे उन्हे भारत रत्न मिलना ही चाहिए। इसको लेकर लोगों ने सरकार से अपील करने की बात कही। आपको बता दें कि पं. राजकुमार शुक्ला की जयंती 23 अगस्त को पटना में समारोह पूर्वक मनाया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पंडित राजकुमार शुक्ल स्मृति संस्थान के केंद्रीय अध्यक्ष राजेश भट्ट ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि 23 अगस्त को पंडित राजकुमार शुक्ला की जयंती समारोह पूर्वक पटना में मनाई जाएगी। जिसको लेकर युवाओं तथा बुजुर्गों के साथ चर्चा किया गया है। साथ ही लोगों से अपील भी की गई है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित हो सके। मौके पर बबन राय, धर्मेंद्र राय, जाह्नवी शेखर भट्ट, बरनाला जी, मुकेश कुमार शर्मा, अनूप कुमार, आयुष कुमार, नवेंद्र प्रसाद राय समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
161
