खबर बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की है जहां जिले में बुधवार को रेप पीड़ित ने ब्रह्मपुरा और महिला थाने की पुलिस पर पिटाई का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने कहा कि 17 जून को ब्रह्मपुरा पुलिस मेरे घर आई थी और जबरदस्ती दरवाजे से उठाकर मुझे ले गए।
दोपहर 2 बजे से लेकर रात के 11 बजे तक थाने में ब्रह्मपुरा और महिला थाने की पुलिस ने मिलकर मेरी पिटाई की। मुझे कमर से नीचे मारा गया है। जख्म मैं दिखा नहीं सकती, लेकिन मुझे इंसाफ के लिए दिखाना पड़ेगा तो मैं दिखाऊंगी। रात एक बजे जब मामला आगे बढ़ गया तो पुलिस वालों ने महिला को उसके घर के पास ले जाकर छोड़ दिया। पिटाई के दौरान पुलिस केस उठाने का दबाव बना रही थी। महिला ने कहा कि पुलिस मुझे कबूल करने को कह रही थी कि मैं धंधा करती हूं।
आपको बता दे कि कोर्ट के आदेश के अनुसार एफआईआर दर्ज करनी है पर पुलिस ने मुकदमे के दो माह बाद भी केस दर्ज नहीं किया। आरोपी खुलेआम घूम रहा है। 19 जून को पीड़िता ने आईजी को ज्ञापन सौंपा है और जांच की मांग की है।
पीड़िता ने कहा कि 18 अप्रैल को कोर्ट में राजीव गुप्ता के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दायर किया था। कोर्ट ने वाद को देखते हुए धारा 156 अंतर्गत दर्ज करने का आदेश दिया था, लेकिन ब्रह्मपुरा थाना ने केस नहीं दर्ज किया। उल्टा मुझे घर से लेकर जाकर थाने में बुरी तरह पीटा।
पीड़िता ने कहा कि आरोपी मेरे पति के साथ कैट्रिंग का काम करता था। इसलिए आरोपी से पहचान थी। मेरे पति हलवाई हैं, कभी-कभी बाहर का काम मिल जाता है, तो जाना पड़ता है। 10 मई 2014 को जब मेरे पति नहीं थे तो आरोपी मेरे घर आया था।
उसने कहा था कि मेरी बेटी का जन्मदिन है। खाना लाया हूं। जब मैंने खाना खाया तो मैं बेहोश हो गई। और जब होश में आई तो देखा वो मेरे बिस्तर पर सोया हुआ था। मेरे कपड़े उतरे थे। मुझे अहसास हो गया कि मेरे साथ गलत हुआ है। उसने वीडियो भी बनाया। उसके बाद मुझे ब्लैकमेल करने लगा और 10 साल से गलत काम कर रहा।
वही इस मामले में ब्रह्मपुरा थानेदार सुभाष मुखिया और महिला थाना प्रभारी अदिति कुमारी ने कहा कि होटल से दोनों को डायल-112 की पुलिस ने पकड़ा था। इसके बाद उनके परिजन को घटना की जानकारी दी गई थी। इस तरह की कोई घटना किसी के साथ नहीं घटी है। थाने में सीसीटीवी लगा है, इसे भी जांच की जा सकती है।
क्राइम खबर के लिए सत्यम शर्मा के साथ रजनीश कुमार की रिपोर्ट
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