- लगातार तीन से चार विस्फोटों से गूंजा मायाल गांव, दहशत में घरों से बाहर निकले ग्रामीण
- फैक्ट्री प्रबंधन ने मुख्य गेट पर जड़ा ताला,कई मजदूरों के घायल होने की आशंका; विस्फोट के कारणों की जांच में जुटी पुलिस
रामगढ़: जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र के मायाल गांव स्थित शिवाय आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड की फैक्ट्री में रविवार सुबह हुए सिलसिलेवार विस्फोटों ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। एक के बाद एक तीन से चार जोरदार धमाकों की आवाज इतनी दूर तक सुनाई दी कि आसपास के गांवों में रहने वाले लोग भी सहम उठे। अचानक हुए विस्फोटों से फैक्ट्री परिसर ही नहीं, बल्कि आसपास का ग्रामीण इलाका भी दहल गया। धमाकों की आवाज सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकल आए और घटनास्थल की ओर पहुंचने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार सुबह करीब सात बजे फैक्ट्री में अचानक तेज धमाकों का सिलसिला शुरू हुआ। कुछ ही देर के अंतराल पर हुए विस्फोटों की गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के घरों में कंपन महसूस किए जाने की भी चर्चा रही। घटना के बाद ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और लोग विस्फोट की वजह जानने को लेकर उत्सुक नजर आए।
घटना के बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी। इसके कारण घटनास्थल की वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ सकी। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि विस्फोट के समय फैक्ट्री के भीतर कितने मजदूर काम कर रहे थे और किसी के घायल होने की स्थिति बनी या नहीं, इसकी स्पष्ट जानकारी तत्काल सामने नहीं आई। मजदूरों के घायल होने की आशंका भी जताई जा रही है।
स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी तेज आवाज वाले लगातार विस्फोटों के बावजूद फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से स्थिति स्पष्ट करने की कोई पहल सामने नहीं आई। मुख्य गेट बंद रहने और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक के कारण घटना को लेकर संशय और गहरा गया है।
इधर, घटना की सूचना मिलने के बाद रजरप्पा पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। थाना प्रभारी के अनुसार, फैक्ट्री की भट्ठी में विस्फोट होने की जानकारी पुलिस को मिली है। पुलिस विस्फोट के संभावित कारणों, घटनास्थल की वास्तविक स्थिति और इससे जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा मानकों को लेकर:
औद्योगिक इकाई में आखिर लगातार तीन से चार विस्फोट कैसे हुए? क्या फैक्ट्री में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जा रहा था? विस्फोट के समय भट्ठी के आसपास कितने मजदूर कार्यरत थे और क्या किसी को चोट पहुंची है? इन सवालों का जवाब अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से भी घटना को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही विस्फोट की वास्तविक वजह, संभावित नुकसान और मजदूरों की सुरक्षा से जुड़ी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था, मजदूरों की जान की सुरक्षा और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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