- रांची से हाजीपुर जा रही मिनी ट्रक में मिली 40 वर्षीय धर्मनाथ महतो की लाश, हेसागढ़ा में मचा हड़कंप
- रात की गश्ती के दौरान पुलिस की नजर पड़ी, आवाज देने पर नहीं मिला जवाब; पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
- मौत कैसे हुई, अभी बना हुआ है रहस्य
रामगढ़: नेशनल हाईवे-33 पर गुरुवार की देर रात उस समय सनसनी फैल गई, जब हेसागढ़ा के समीप सड़क किनारे खड़े एक मिनी ट्रक के केबिन से चालक का शव बरामद हुआ। रांची से हाजीपुर की ओर जा रहा वाहन काफी देर से सड़क किनारे खड़ा था। जब पुलिस गश्ती दल की नजर वाहन पर पड़ी और चालक को आवाज देने के बावजूद अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, तो संदेह के आधार पर वाहन की जांच की गई। केबिन के अंदर चालक मृत अवस्था में मिला। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया।
मृतक की पहचान रांची जिले के ठाकुरगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत खाखरा गांव निवासी 40 वर्षीय धर्मनाथ महतो, पिता स्व. किसनाथ महतो के रूप में हुई है। वह मिनी ट्रक संख्या जेएच-01-एफवाई-4369 का चालक था। घटना के बाद मांडू पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए रामगढ़ सदर अस्पताल भेज दिया।
रांची से निर्माण सामग्री लेकर निकले थे हाजीपुर
जानकारी के अनुसार धर्मनाथ महतो रांची स्थित सरयू गौतम कंस्ट्रक्शन से निर्माण सामग्री लेकर हाजीपुर जा रहे थे। वाहन में खिड़की-दरवाजे के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले चैनल लदे थे। सफर के दौरान हेसागढ़ा के पास मिनी ट्रक सड़क किनारे खड़ा मिला।
बताया गया कि 1 अक्टूबर की देर रात करीब 11:30 बजे वाहन हेसागढ़ा के समीप खड़ा था। कुछ समय तक वाहन में कोई हलचल नहीं दिखने पर आसपास के लोगों और बाद में पुलिस की नजर उस पर गई। वाहन के अंदर चालक को बेसुध अवस्था में देखा गया। जांच करने पर उसके मृत होने की पुष्टि हुई।
पुलिस ने आवाज दी, अंदर से नहीं मिली कोई प्रतिक्रिया
रात में गश्त कर रही मांडू पुलिस की नजर सड़क किनारे खड़े मिनी ट्रक पर पड़ी। पुलिसकर्मियों ने वाहन के पास जाकर चालक को आवाज लगाई और दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने वाहन की जांच की तो चालक मृत मिला।
गश्ती दल ने तत्काल घटना की सूचना मांडू थाना प्रभारी सदानंद कुमार को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने मृतक के परिजनों को भी घटना की जानकारी दी।
परिजनों के पहुंचते ही मचा कोहराम
घटना की सूचना मिलने के बाद मृतक के परिजन मौके पर पहुंचे। धर्मनाथ महतो की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। परिजनों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह था कि आखिर हाजीपुर की यात्रा पर निकले धर्मनाथ की रास्ते में अचानक मौत कैसे हो गई।
परिजनों में रामलखन महतो, राजकिशोर महतो, देवेंद्र महतो, प्रभु महतो और विजेंद्र महतो समेत अन्य लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें घटना की जानकारी देते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
मौत कैसे हुई, अभी बना हुआ है रहस्य
धर्मनाथ महतो की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका फिलहाल स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि चालक की अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण मौत हुई या मौत के पीछे कोई अन्य परिस्थिति थी। फिलहाल पुलिस ने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य पहलुओं का इंतजार किया है।
NH-33 पर फिर उठा सड़क किनारे खड़े वाहनों का सवाल
हेसागढ़ा की इस घटना के बाद NH-33 पर रात के समय सड़क किनारे खड़े मालवाहक वाहनों को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हाल ही में रामगढ़ जिला प्रशासन ने भी राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवैध और बेतरतीब पार्किंग के खिलाफ रात में विशेष अभियान चलाया था। चुटूपालू घाटी, पटेल चौक और कुजू समेत कई स्थानों पर वाहनों की जांच की गई थी और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की गई थी।
हालांकि हेसागढ़ा की घटना में चालक की मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है और इसे सड़क किनारे वाहन खड़े करने से जोड़ना फिलहाल उचित नहीं होगा। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।
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